NCR में नंबर-1 बनेगा गाजियाबाद, नोएडा-दिल्लीवालें भी कहेंगे शहर हो तो ऐसा, GDA ने बताया सबकुछ

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NCR में नंबर-1 बनेगा गाजियाबाद, नोएडा-दिल्लीवालें भी कहेंगे शहर हो तो ऐसा, GDA ने बताया सबकुछ


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Ghaziabad Latest News: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की अहम बैठक में शहर के विकास से जुड़े दो बड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है. एक ओर जहां 251 हेक्टेयर में औद्योगिक टाउनशिप-सह-लॉजिस्टिक पार्क बनाया जाएगा, वहीं क…और पढ़ें

NCR में नंबर-1 बनेगा गाजियाबाद, नोएडा-दिल्लीवालें भी कहेंगे शहर हो तो ऐसागाजियाबाद को मिला विकास का डबल तोहफा.
गाजियाबाद. यूपी के गाजियाबाद में एक बार फिर विकास की दौड़ में आगे निकलने की तैयारी कर चुका है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की हालिया बोर्ड बैठक में दो बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई है, जो आने वाले समय में शहर की औद्योगिक ताकत और आवासीय जरूरतों, दोनों को ही नया आधार देंगे. बैठक में मेरठ मंडल के कमिश्नर, गाजियाबाद के जिलाधिकारी और जीडीए उपाध्यक्ष भी मौजूद रहे और इसी अहम मंच पर यह तय हुआ कि मोदीनगर तहसील के ग्राम सैदपुर, हुसैनपुर और डीलना की 251 हेक्टेयर जमीन पर एक आधुनिक औद्योगिक टाउनशिप-सह-लॉजिस्टिक पार्क बसाया जाएगा.

यह फैसला सिर्फ जमीन के टुकड़े पर एक पार्क बनाने का नहीं है, बल्कि यह गाजियाबाद की आर्थिक दिशा बदलने वाला कदम माना जा रहा है. औद्योगिक हब बनने की होड़ में पहले से ही गाजियाबाद प्रदेश में लखनऊ के बाद दूसरे नंबर पर आता है. यहां इंजीनियरिंग सामान, ऑटो पार्ट्स, मशीनरी, स्टील ट्यूब और दवाइयों का बहुत बड़ा नेटवर्क पहले से ही है.

नई टाउनशिप से इन उद्योगों को और अधिक जगह, बेहतर ढांचा और लॉजिस्टिक सुविधाएं मिलेंगी. यही नहीं, इससे हज़ारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है. उद्योगों को जहां स्पीड मिलेगी, वहीं शहर की अर्थव्यवस्था भी रफ्तार पकड़ेगी. इस औद्योगिक फैसले के साथ-साथ प्राधिकरण ने ‘हरनन्दीपुरम’ नाम की नई आवासीय योजना को भी हरी झंडी दे दी. यह नाम आने वाले वक्त में गाजियाबाद की आवासीय पहचान बनने जा रहा है. खास बात यह है कि लगभग 20 साल बाद जीडीए किसी बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर आया है.

हरनन्दीपुरम योजना के तहत मथुरापुर, मोरटा, भोवापुर, नंगला फिरोज, मोहनपुर, चम्पतनगर समेत कुल 9 गांवों की भूमि अधिग्रहीत की जाएगी. इस जमीन पर आवासीय प्लॉट, फ्लैट्स और बुनियादी सुविधाओं से लैस कॉलोनियां विकसित की जाएंगी. जीडीए का दावा है कि यह योजना शहर में तेजी से बढ़ रही आबादी और प्लॉट की मांग को देखते हुए लाई गई है. खास बात यह है कि भूमि अधिग्रहण पूरी पारदर्शिता के साथ होगा और 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत प्रभावित किसानों और जमीन मालिकों को उचित मुआवज़ा भी दिया जाएगा.

जीडीए उपाध्यक्ष का कहना है कि ये दोनों फैसले एक साथ मिलकर गाजियाबाद को एक ऐसा संतुलन देंगे, जिसमें रोजगार भी होगा और रहन-सहन की सहूलियत भी. बोर्ड बैठक भले ही तकनीकी प्रक्रिया हो, लेकिन उसके नतीजे ने शहर के भविष्य की नींव रख दी है. आने वाले वक्त में जब सैदपुर की ज़मीन पर उद्योग दौड़ेंगे और हरनन्दीपुरम में मकानों की रौशनी जलेगी, तब इस बैठक को विकास का टर्निंग पॉइंट कहा जाएगा.

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Abhijeet Chauhan

न्‍यूज18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. वेब स्‍टोरी और AI आधारित कंटेंट में रूचि. राजनीति, क्राइम, मनोरंजन से जुड़ी खबरों को लिखने में रूचि.

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