Pilibhit News: मां पूर्णागिरी मंदिर तक कैसे पहुंचें? जानिए ट्रेन, बस और टैक्सी की पूरी जानकारी स्टेप-बाय-स्टेप, टनकपुर के पहाड़ों में फिर गूंजेगा जय माता दी
Last Updated:
Pilibhit News: नवरात्रि के शुभ अवसर पर उत्तराखंड के टनकपुर स्थित मां पूर्णागिरी शक्तिपीठ के दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है. लगातार बारिश के चलते बाधित हुआ मंदिर का रास्ता अब फिर से सुचारू हो गया है. इस लेख में जानें पीलीभीत से टनकपुर और वहां से मां पूर्णागिरी मंदिर तक पहुंचने का आसान और सुरक्षित तरीका – ट्रेन, बस और टैक्सी विकल्पों के साथ पूरी यात्रा गाइड
भारी बारिश के चलते पिछले कुछ वक्त से टनकपुर से मंदिर तक का मार्ग अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, लेकिन अब नवरात्रि को ध्यान में रखते हुए यह रास्ता दोबारा सुचारू कर दिया गया है.
टनकपुर स्थित मां पूर्णागिरी शक्तिपीठ की उत्तर भारत में विशेष मान्यता है. यह मंदिर नेपाल से निकलने वाली काली नदी के किनारे, अन्नपूर्णा चोटी पर समुद्र तल से लगभग 3,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. श्रद्धालुओं को यहां पहुंचने के लिए कठिन पहाड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है. वैसे तो यहां का मुख्य मेला होली के बाद लगता है, लेकिन नवरात्रि के दौरान भी उत्तर भारत से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं. यात्रा की दृष्टि से पीलीभीत को एक प्रमुख पड़ाव माना जाता है, जहां से श्रद्धालु विभिन्न साधनों से टनकपुर तक आसानी से पहुंच सकते हैं.
कैसे पहुंचें मां पूर्णागिरी मंदिर
ट्रेन मार्ग: पीलीभीत से टनकपुर की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है. यहां से कई ट्रेनें टनकपुर के लिए उपलब्ध हैं:
| ट्रेन | प्रस्थान समय | आगमन समय | दिन |
| पहली ट्रेन | सुबह 7:15 | सुबह 9:05 | रोज़ाना |
| दौराई एक्सप्रेस | सुबह 7:58 | सुबह 9:35 | बुधवार, शुक्रवार, शनिवार |
| अन्य ट्रेनें | सुबह 8:50, 10:00, दोपहर 13:45, शाम 15:10, 17:15, रात 21:10 और 22:15 |
यात्रा से पहले जानकारी ज़रूर लें
हाल ही में हुई भारी बारिश के चलते उत्तराखंड के कई पहाड़ी मार्ग बाधित हुए हैं. ऐसे में टनकपुर से पूर्णागिरी के रास्ते की स्थिति जानने के लिए श्रद्धालु संपर्क कर सकते हैं:
चंपावत जिला पुलिस कंट्रोल रूम: 05965-230607
क्षेत्राधिकारी टनकपुर: 9456593371
राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्थानों में काम करने का अनुभव. सा…और पढ़ें
राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्थानों में काम करने का अनुभव. सा… और पढ़ें