UP कैबिनेट फेरबदल: मिशन 2027 के लिए योगी की नई टीम तैयार, देखें संभावित लिस्ट
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Yogi Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश में योगी मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की है, जिसके बाद कल शपथ ग्रहण की संभावना है. इस विस्तार में 6 नए चेहरों को जगह मिल सकती है, जिसमें सपा से आए मनोज पांडेय, कृष्णा पासवान और चौधरी भूपेंद्र सिंह जैसे नाम प्रमुख हैं. बीजेपी इस बार महिला और दलित कोटे पर विशेष ध्यान दे रही है. साथ ही, कई मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बड़े फेरबदल की भी तैयारी है.
Yogi Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश की सियासत में आज का दिन बेहद अहम होने वाला है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट का विस्तार आज दोपहर 3:00 बजे जन भवन में होने जा रहा है. मुख्यमंत्री की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात के बाद अब उन अटकलों पर मुहर लग गई है कि नई टीम तैयार है. सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी मिलने के बाद संभावित मंत्रियों को आज शाम तक लखनऊ मुख्यालय पहुंचने के निर्देश दे दिए गए हैं. दरअसल, इस विस्तार के जरिए बीजेपी न केवल 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछा रही है, बल्कि अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को भी बेअसर करने की तैयारी में है.
2027 का ‘प्लान’ और विकास के साथ हिंदुत्व
बीजेपी हमेशा 24X7 चुनावी मोड में रहने वाली पार्टी मानी जाती है. अब पार्टी की निगाहें 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव पर टिकी हैं. बीजेपी यूपी में जीत की ‘हैट्रिक’ लगाने की तैयारी में है. इस मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए पार्टी न केवल सरकार का चेहरा बदलेगी, बल्कि बोर्ड, निगम और आयोगों में भी कार्यकर्ताओं को जगह देकर संगठन को मजबूती देगी. रणनीति साफ है, पश्चिम बंगाल की तर्ज पर ‘विकास और हिंदुत्व’ के साथ-साथ मजबूत जातिगत समीकरणों को साधना.
महिला कोटे पर विशेष फोकस, अखिलेश के PDA को जवाब
इस बार के विस्तार में सबसे खास बात ‘नारी शक्ति’ पर फोकस है. बीजेपी महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष, खासकर सपा को घेरने की तैयारी में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भी नारी शक्ति के अपमान पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते रहे हैं. ऐसे में योगी कैबिनेट में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जा रही है.
- कृष्णा पासवान: फतेहपुर से तीन बार की विधायक कृष्णा पासवान का नाम सबसे आगे है. उनके जरिए बीजेपी न केवल महिला कार्ड खेलेगी, बल्कि दलित (पासी) समाज को भी साधेगी. यह अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की काट माना जा रहा है.
- पूजा पाल: सपा की बागी विधायक पूजा पाल को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है.
सपा के बागी और पुराने दिग्गजों की एंट्री
योगी मंत्रिमंडल के इस विस्तार में सोशल इंजीनियरिंग का खास ख्याल रखा गया है. जिन प्रमुख नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है, वे इस प्रकार हैं:
- कृष्णा पासवान: फतेहपुर से तीन बार की विधायक. इनके जरिए बीजेपी दलित (पासी) समाज और महिला वोट बैंक दोनों को साधेगी.
- मनोज पांडेय: समाजवादी पार्टी का साथ छोड़कर आए ब्राह्मण नेता मनोज पांडेय को मंत्री पद का इनाम मिलना लगभग तय है.
- चौधरी भूपेंद्र सिंह: पश्चिमी यूपी के कद्दावर जाट नेता और प्रदेश अध्यक्ष की कैबिनेट में वापसी की प्रबल संभावना है.
- हंसराज विश्वकर्मा: वाराणसी (काशी क्षेत्र) के जिलाध्यक्ष, इनके जरिए पूर्वांचल के पिछड़ा वर्ग समीकरणों को मजबूत किया जाएगा.
- आशा मौर्य: महिला कोटे से आशा मौर्य का नाम भी रेस में काफी आगे चल रहा है.
- अशोक कटारिया: गुर्जर समाज में अच्छी पकड़ रखने वाले पूर्व मंत्री अशोक कटारिया की भी वापसी हो सकती है.
इसके अलावा सुरेन्द्र दिलेर और पूजा पाल जैसे नामों पर भी कयास लगाए जा रहे हैं.
प्रमोशन और विभागों में फेरबदल की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि सिर्फ नए चेहरे ही शामिल नहीं होंगे, बल्कि पुराने मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड पर भी काम होगा. कुछ राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) को उनकी बेहतर परफॉर्मेंस, खासकर बंगाल चुनाव के दौरान किए गए कार्यों के लिए कैबिनेट मंत्री के रूप में प्रमोट किया जा सकता है. साथ ही कई मंत्रियों के विभागों में बड़े बदलाव की भी चर्चा है.
बुजुर्ग मंत्रियों को नहीं हटाएगी पार्टी?
सियासी गलियारों में चर्चा थी कि कुछ उम्रदराज मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, लेकिन पार्टी के एक धड़े का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले ऐसा करने से गलत संदेश जा सकता है. चूंकि यह विस्तार कुछ ही समय के लिए है और जल्द ही आचार संहिता लागू हो जाएगी, इसलिए बीजेपी क्षेत्रीय क्षत्रपों और बुजुर्ग नेताओं को नाराज करने का जोखिम नहीं लेना चाहती.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें