UP Chunav: नितिन नवीन का मंत्र ‘खोज 501’ क्या? फिक्स करेगा BJP की हैट्रिक
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UP Assembly Elections 2027: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए संगठन को कई अहम निर्देश दिए हैं. इनमें सबसे प्रमुख ‘खोज 501’ अभियान है, जिसके तहत 403 विधानसभा सीटों के लिए 501 प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे. पार्टी पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने, हाशिए पर गए अनुभवी नेताओं को सक्रिय भूमिका देने और सभी स्तरों पर संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रही है. प्रभारियों की नियुक्ति वरिष्ठता के आधार पर होगी. साथ ही वोटर लिस्ट में हटे नाम जुड़वाने, संवेदनशील मुद्दों पर संयम बरतने और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से यूपी चुनाव 2027 को लेकर बताए निर्देश के पालन में जुट गए हैं प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी
लखनऊ: हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए लखनऊ आए. इस दौरान उन्होंने बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनाव जीतने के लिए कई मंत्र दिए, जिसमें खोज 501 भी एक है. खास बात यह है कि नितिन नवीन की ओर से दिए गए सुझाव पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने काम करना भी शुरू कर दिया है.
क्या है यूपी बीजेपी का खोज 501?
नितिन नवीन की सलाह पर उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटों का जिम्मा संभालने के लिए 501 प्रभारियों की तलाश की जा रही है. राज्य में कई सीटों को वीआईपी मानकर वहां तैयारी की जाएगी. इसके लिए करीब 100 ज्यादा प्रभारी तलाशे जा रहे हैं. जिस प्रभारी को जिस जिले की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी उसे, वहां की स्थानीय कार्यकर्ताओं और जिलाध्यक्षों के साथ सामंजस्य बिठाकर विधानसभा चुनाव की प्लानिंग करनी होगी. बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इसके लिए काम शुरू कर चुके हैं.
- इसके अलावा भी नितिन नवीन ने चुनाव को लेकर कुछ और दिशा निर्देश दिए हैं, जो इस प्रकार हैं-:
- भाजपा की नई ‘सोशल इंजीनियरिंग’: पार्टी ने अपनी चुनावी और संगठनात्मक रणनीति को धार देने के लिए नए और पुराने कार्यकर्ताओं के बीच भावनात्मक तालमेल (समन्वय) बिठाने की नई रणनीति अपनाई है.
- हाशिए पर गए पुराने चेहरों को तवज्जो: संगठन ने सभी जिलाध्यक्षों से ऐसे पूर्व जनप्रतिनिधियों (सांसद, विधायक) और पदाधिकारियों की सूची मांगी है जो पहले सरकार या संगठन में सक्रिय थे, लेकिन फिलहाल हाशिए पर हैं. इन्हें विशेष जिम्मेदारी देकर मैदान में उतारा जा सकता है.
- अनिवार्य मुलाकात और रिपोर्टिंग: प्रवास पर जाने वाले सभी पार्टी पदाधिकारियों के लिए अपने क्षेत्र के पुराने नेताओं से मिलना अनिवार्य कर दिया गया है. इस मुलाकात की सीधी रिपोर्ट संगठन महामंत्री को सौंपी जाएगी.
- अनुभव को प्राथमिकता और मार्गदर्शन: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया है कि जिन अनुभवी नेताओं ने बिना संसाधनों के संघर्ष करके पार्टी खड़ी की, उनके अनुभव और मार्गदर्शन से ही नए कार्यकर्ताओं को सफलता मिलेगी.
- व्यापक समन्वय नेटवर्क: 11 जुलाई की बैठक में तय हुआ कि समन्वय सिर्फ सरकार और संगठन के बीच नहीं, बल्कि पूर्व सांसदों, विधायकों, एमएलसी और पूर्व जिलाध्यक्षों के साथ भी मजबूत किया जाएगा.
- प्रभारियों की बड़ी तैनाती: प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं और 98 संगठनात्मक जिलों में नए प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे. इसके अलावा 6 क्षेत्रों और मोर्चों के लिए अलग से सूची आएगी.
- अनुशासन के लिए नया नियम: विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति में यह ध्यान रखा जाएगा कि उनकी राजनीतिक उम्र और उपलब्धियां (सीनियरिटी) चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी से ज्यादा हों, ताकि संगठन में स्वाभाविक अनुशासन बना रहे.
- मंत्रियों और विधायकों के चुनाव क्षेत्रों में हटाए गए वोटरों को वापस वोटर लिस्ट में जोड़ें. राम मंदिर के चंदे की चोरी पर पब्लिक कमेंट्स से बचें. UGC रेगुलेशन के मुद्दे का पक्का हल ढूंढें.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते …और पढ़ें