‘अखिलेश यादव इल्म बताते रहे, टिन्नू यादव माल उड़ाते रहे’, बोले अयोध्या के संत
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Ayodhya News: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर SIT जांच जारी है. इसी बीच अयोध्या के संत चंपत राय के समर्थन में उतरे और कहा कि कॉल डिटेल्स में पता चला कि ‘टिन्नू यादव’, अखिलेश यादव के कहने पर ये घपला किए. अखिलेश यादव इल्म बताते रहे, टिन्नू यादव माल उड़ाते रहे.
अयोध्या: राम नगरी अयोध्या में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर चल रहे विवाद के बीच संत समाज खुलकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में सामने आया है. संतों ने बैठक कर स्पष्ट कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी एक व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं है. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी.
बैठक के बाद जगतगुरु परमहंस आचार्य ने दावा किया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्षी दलों की ओर से भ्रामक जानकारी फैलाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में राजनीतिक षड्यंत्र की आशंका है. परमहंस आचार्य ने यह भी दावा किया कि टिन्नू यादव और अखिलेश यादव के बीच कई बार बातचीत हुई थी और इस संबंध में कॉल डिटेल्स का हवाला दिया. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
चंपत राय को संत समाज का पूरा समर्थन
परमहंस आचार्य ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी इस मामले में निर्दोष हैं और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर के संचालन में सरकारी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए और चंपत राय को उन्होंने निर्दोष और सच्चा सनातनी बताते हुए संत समाज का पूरा समर्थन देने की बात कही.
कॉल डिटेल्स से खुलेगा सारा सच
जगद्गुरु ने दावा करते हुए कहा कि जिसमें यहां पता चला कि ‘टिन्नू यादव’, अखिलेश यादव के कहने पर ये घपला किए. अखिलेश यादव इल्म बताते रहे, टिन्नू यादव माल उड़ाते रहे. दावा करते हुए परमहंस आचार्य ने बताया कि 980 बार अखिलेश यादव और टिन्नू यादव की बातचीत हुई है. जिस दिन अखिलेश यादव ने ट्वीट किया था, उस दिन तीन बार बातचीत हुई है, ये कॉल डिटेल्स से मालूम हुआ है.
एसआईटी जांच के बाद होगा फैसला
वहीं शशिकांत दास ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि पूरे मामले में केवल चंपत राय को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि ट्रस्ट में अन्य पदाधिकारी भी हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि एसआईटी जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.
उन्होंने बताया कि मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और बरामदगी भी हुई है, इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी एक व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं है. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच फिलहाल एसआईटी कर रही है. ऐसे में संत समाज ने अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचना चाहिए और जांच एजेंसियों को निष्पक्ष रूप से अपना काम करने देना चाहिए.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…और पढ़ें