अखिलेश यादव का ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’, PDA से उठ रहा है भरोसा? बंगाल के रिजल्ट से टेंशन में सपाई

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अखिलेश यादव का ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’, PDA से उठ रहा है भरोसा? बंगाल के रिजल्ट से टेंशन में सपाई


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पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों ने उन राजनीतिक दलों की टेंशन बढ़ा दी है, जो कभी हिंदू देवी-देवताओं से लेकर उनके त्योहारों तक पर सवाल उठाते रहे हैं. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी कभी महाकुंभ पर सवाल उठाए तो कभी उन्हें गौशालाओं से दुर्गंध आती थी. लेकिन अब अखिलेश यादव अपनी इस इमेज को बदलने की कोशिश में लग गए हैं. अखिलेश यादव ने बड़ा मंगल के मौके पर हनुमान जी की फोटो शेयर करते हुए सबको बधाई दी तो वहीं बीते बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने पंडित जी का जिक्र किया. राजनीतिक जानकार इसे अखिलेश यादव का सॉफ्ट हिंदुत्व बता रहे हैं.

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अखिलेश यादव आज ममता बनर्जी के समर्थन में पश्चिम बंगाल जाएंगे.

लखनऊः PDA यानी पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक का नारा देने वाले अखिलेश यादव पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की हार और स्टालिन के हार के बाद सॉफ्ट हिंदुत्व की तरफ आगे बढ़ रहे हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंडित जी की बात मानने की बात कह रहे हैं, ज्योतिष आचार्य की बात कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर भगवान हनुमान जी की तस्वीर साझा करके लोगों को बड़े मंगल की शुभकामनाएं दे रहे हैं. तो वहीं, गुरुवार को ममता बनर्जी से मिलने कोलकाता भी जा रहे हैं. अखिलेश यादव के सॉफ्ट हिंदुत्व और ममता बनर्जी से मुलाकात को लेकर बीजेपी लगातार राजनीतिक हमले कर रही है.

तो क्या पीडीए से उठने लगा अखिलेश यादव का भरोसा?
सवाल उठ रहे हैं कि क्या ममता बनर्जी और स्टालिन के हार के बाद अखिलेश यादव और उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है? दरअसल, कोलकाता जाने से ठीक 1 दिन पहले अखिलेश यादव ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्योतिषाचार्य और पंडित का जिक्र किया. ज्योतिषाचार्य और पंडित की बात मानने की भी बात कही. तो क्या अखिलेश यादव को लगता है कि PDA के सहारे उनकी नैया 2027 विधानसभा चुनाव पर नहीं कर पाएगी.

अखिलेश यादव के सॉफ्ट हिंदुत्व और बंगाल दौरे पर सवाल
अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि कल बड़े मंगल के दिन हमने लोगों को बधाई दी, कई लोग यहां मेरे घर परिवार के बैठे हैं नेताजी तो व्रत रहते थे पूजा करते थे. जो लोग भी सवाल उठा रहे हैं, उनका नाम लिखेंगे और चंदा मांगेंगे. वैसे अखिलेश यादव ममता बनर्जी के बुलावे पर कोलकाता जा रहे हैं. सॉफ्ट हिंदुत्व और कोलकाता जाने को लेकर लगातार सत्ता पक्ष यानी बीजेपी अखिलेश यादव पर राजनीतिक हमले कर रही है.

बीजेपी ने अखिलेश पर क्या बोला?
बीजेपी का कहना है कि भले ही चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव ममता बनर्जी का हार का ठिकरा फोरे. लेकिन उनका दिल जानता है कि ममता बनर्जी का हार एक समुदाय की अपेक्षा और भ्रष्टाचार करने से हुई है। बहरहाल, समाजवादी पार्टी के नेता भी बीजेपी पर पलटवार कर रहे हैं.

हनुमान जी की तस्वीर शेयर कर बड़ा मंगल की दी बधाई
बता दें कि जेठ के पहले बड़ा मंगल पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव की ओर से सोशल मीडिया पर दी गई शुभकामनाओं के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस पोस्ट को लेकर अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं. कोई इसे सामान्य धार्मिक आस्था बता रहा है, तो कोई इसे सपा के “सॉफ्ट हिंदुत्व” की ओर बढ़ते कदम के रूप में देख रहा है. भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर सपा पर निशाना साधा है, जबकि सपा ने भी पलटवार करते हुए भाजपा पर राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है.

सपा पर लगता रहा है तुष्टिकरण का आरोप
दरअसल, बीते कुछ वर्षों में भारतीय जनता पार्टी लगातार समाजवादी पार्टी और खासकर अखिलेश यादव को हिंदू त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को लेकर घेरती रही है. भाजपा नेताओं का आरोप रहा है कि सपा की राजनीति तुष्टिकरण पर आधारित रही है और हिंदू आस्था से जुड़े मुद्दों पर वह खुलकर सामने नहीं आती. ऐसे में बड़ा मंगल जैसे धार्मिक अवसर पर अखिलेश और डिंपल यादव की ओर से समय रहते दी गई शुभकामनाओं ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है.

सपा का पुराना राजनीतिक मॉडल कमजोर हुआ- डिप्टी सीएम
राजनीतिक जानकार इसे बदलते राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर भी देख रहे हैं. कुछ लोग इसे पश्चिम बंगाल की राजनीति और वहां ममता बनर्जी द्वारा अपनाई जा रही “सॉफ्ट हिंदुत्व” लाइन से प्रेरित रणनीति मान रहे हैं. तो वही इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अब सपा को समझ में आ गया है कि तुष्टिकरण की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलने वाली. इसलिए अब ये मंदिर-मंदिर जाएंगे. इससे साफ है कि उनका पुराना राजनीतिक मॉडल कमजोर पड़ चुका है.

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Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें

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