आंधी-तूफान से 2 घंटे पहले मिलेगा अलर्ट! आजमगढ़ में लगा हाईटेक डॉप्लर रडार सिस्टम
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Azamgarh News: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में अब मौसम की मार से लोगों को पहले ही सतर्क किया जा सकेगा. जिले में हाईटेक डॉप्लर वेदर रडार सिस्टम लगकर तैयार हो चुका है, जो आंधी, तूफान और बारिश जैसी प्राकृतिक गतिविधियों की सटीक जानकारी पहले ही दे देगा. खास बात यह है कि यह सिस्टम करीब 100 किलोमीटर की परिधि में मौसम पर नजर रखेगा और लोगों को 30 मिनट से लेकर 2 घंटे पहले तक अलर्ट मिल सकेगा. इससे सबसे ज्यादा फायदा किसानों को होने की उम्मीद है, क्योंकि वे समय रहते अपनी फसलों को खराब मौसम से बचा सकेंगे.
आजमगढ़: जनपद के लोगों और किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. अब किसी भी प्राकृतिक आपदा जैसे आंधी, तूफान या भारी बारिश के आने से पहले ही लोगों को इसकी सटीक जानकारी मिल सकेगी. आजमगढ़ में हाईटेक ‘वेदर डॉप्लर रडार’ लगकर तैयार हो चुका है, जो मौसम विभाग को रियल टाइम डेटा उपलब्ध कराएगा. इस सिस्टम के सक्रिय होने के बाद अब मौसम की जानकारी के लिए जिले को अन्य बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
कंधरापुर इलाके में स्थापित यह रडार सिस्टम न केवल आजमगढ़, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों के लिए भी सुरक्षा कवच का काम करेगा.
100 किलोमीटर के दायरे में हर हलचल पर नजर
यह अत्याधुनिक रडार कंधरापुर थाने के सामने करीब 900 वर्ग मीटर की जमीन पर लगाया गया है. इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह 100 किलोमीटर की परिधि में मौसम के हर बदलाव को ट्रैक कर सकता है. यह सिस्टम आंधी-तूफान और बारिश की जानकारी 30 मिनट से लेकर 2 घंटे पहले ही दे देगा, जिससे प्रशासन और आम जनता को संभलने का पर्याप्त समय मिल सकेगा.
किसानों के लिए वरदान साबित होगा
आजमगढ़ में लगे इस रडार का सबसे अधिक लाभ अन्नदाताओं यानी किसानों को होगा. अक्सर अचानक होने वाली ओलावृष्टि और तेज तूफान से फसलें तबाह हो जाती हैं. अब डॉपलर वेदर रडार की मदद से तूफान आने के 15-20 मिनट पहले ही सीधा अलर्ट मोबाइल पर पहुंच जाएगा. समय रहते जानकारी मिलने से किसान अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा सकेंगे और नुकसान को काफी हद तक कम कर पाएंगे.
इन पड़ोसी जिलों को भी मिलेगा सीधा फायदा
आजमगढ़ के पूर्वी उत्तर प्रदेश का केंद्र होने के कारण इस रडार का लाभ आसपास के जिलों को भी मिलेगा. इसमें मुख्य रूप से मऊ, गाजीपुर, गोरखपुर, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर और जौनपुर जैसे जिले शामिल हैं. इन सभी जिलों में 100 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों को अब सटीक मौसम अपडेट्स मिलते रहेंगे और उन्हें आपदा प्रबंधन में बड़ी मदद मिलेगी.
मोबाइल पर मिलेगा सीधा अलर्ट
एडीएम गंभीर सिंह ने बताया कि यह रडार सिस्टम सीधे भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) को जानकारी भेजेगा. वहां से तकनीकी सहायता के जरिए आपदा की स्थिति में लोगों के मोबाइल पर अलर्ट जारी किए जा सकेंगे. फिलहाल मौसम विज्ञान केंद्र की टीम इस सिस्टम का निरीक्षण करेगी, जिसके बाद इसका विधिवत संचालन शुरू कर दिया जाएगा.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें