इस प्यार से मेरी तरफ ना देखो… बाघिन की आंखों में इस कदर झांक रहा बाघ

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इस प्यार से मेरी तरफ ना देखो… बाघिन की आंखों में इस कदर झांक रहा बाघ


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पहली तस्वीर बाघों के बाड़े के पास की है, जहां दो खूबसूरत बाघ-बाघिन रहते हैं. एक नार्मल नारंगी धारियों वाला बादल जबकि दूसरी एकदम दुर्लभ सफेद बाघिन सावित्री. दोनों अलग-अलग जगह से आए हुए हैं. शुरू में दोनों एक दूसरे से दूर-दूर रहते थे. लेकिन कहते हैं ना कि वक्त आपको किसी के भी बहुत करीब ला देता है. वही हुआ इन दोनों बाघ-बाघिनों के साथ.

कानपुर के चिड़ियाघर में दिखा बाड़े के आर-पार प्यार.

कानपुरः उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का पुराना चिड़ियाघर हमेशा से लोगों का पसंदीदा जगह रहा है. हरे भरे पेड़ों के बीच बने बाड़े ना केवल जानवरों के घर हैं बल्कि आने वाले हर इंसान को प्रकृति से करीब मुलाकात कराते हैं. कानपुर के इस चिड़ियाघर में ठंडी दिसंबर की सुबह, जब हल्की-हल्की धूप खिल रही थी, तब वहां से दो ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिसने हर किसी के दिल को छू लिया.

पहली तस्वीर बाघों के बाड़े के पास की है, जहां दो खूबसूरत बाघ-बाघिन रहते हैं. एक नार्मल नारंगी धारियों वाला बादल जबकि दूसरी एकदम दुर्लभ सफेद बाघिन सावित्री. दोनों अलग-अलग जगह से आए हुए हैं. शुरू में दोनों एक दूसरे से दूर-दूर रहते थे. लेकिन कहते हैं ना कि वक्त आपको किसी के भी बहुत करीब ला देता है. वही हुआ इन दोनों बाघ-बाघिनों के साथ. गुरुवार सुबह बाघ के बाड़े के पास जादुई करिश्मा हुआ. सफेद धारियों वाली बाघिन सावित्री नारंगी धारियों वाले बाघ बादल के पास आई और दोनों एक दूसरे को इस कदर गले लगाया, मानो जैसे वर्षों से बिछड़े प्यार मिले हों. दोनों एक-दूसरे के इतने करीब थे कि बाड़े से झांकते लोगों की आंखें भी चमक उठीं. दोनों के बीच कोई गुस्सा नहीं, झगड़ा नहीं, सिर्फ प्यार. देखने वाले भी समझ गए कि ताकतवर होने का अर्थ केवल यह नहीं की दहाड़े. कभी-कभी प्यार भी कर लेना चाहिए.

अब बात करते हैं दूसरी तस्वीर की. ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला भालुओं के बाड़े में, यहां प्यार कम दोनों की मस्ती ज्यादा थी. सुबह-सुबह राजा और माया एक-दूसरे के सामने खड़े हो गए और साथ में खेलना शुरू कर दिया. एक ने दूसरे के कंधे पर हाथ रखा तो दूसरे ने मुस्कुराकर जवाब दिया. राजा और माया नाच रहे थे, धीरे-धीरे घूम रहे थे, जैसे कोई अपना पुराना खेल खेल रहे हों. उनके बड़े पंजे हवा में लहरा रहे थे. हालांकि इसमें कोई हिंसा नहीं थी. सिर्फ मस्ती थी और खुशी थी. लोग इन दोनों भालुओं को खेलता देख मुस्कुरा रहे थे. दोनों एक-दूसरे के प्रति प्यार जता रहे थे.

बाघों का वो कोमल स्पर्श और भालुओं की वो मस्ती हमें यह एहसास कराती है कि दुनिया में सबसे बड़ी ताकत प्रेम और दोस्ती है. कानपुर चिड़ियाघर की ये दो तस्वीरें केवल फोटो मात्र नहीं हैं. बल्कि हम सभी के लिए एक मैसेज है कि चाहे इंसान हो या जानवर दिल से दिल मिले तो हर बाड़ा खुला हुआ स्वर्ग बन जाता है.

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Prashant Rai

प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें

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