कहीं चढ़ेगी सबसे बड़ी चुनरी, तो कहीं होगी महाआरती, गंगा दशहरा पर काशी का नजारा

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कहीं चढ़ेगी सबसे बड़ी चुनरी, तो कहीं होगी महाआरती, गंगा दशहरा पर काशी का नजारा


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Varanasi News: अस्सी घाट से लेकर नमो घाट तक होने वाले अलग-अलग आयोजनों में लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे. दशाश्वमेघ घाट पर गंगा सेवा निधि और गंगोत्री सेवा समिति की ओर से मां गंगा की भव्य महाआरती होगी.नजारा भी देव दीपावली जैसा होगा.

वाराणसी: धर्म नगरी काशी में गंगा दशहरा का महाउत्सव धूम धाम से मनाया जाता है. इस दिन काशी के गंगा तट पर विशेष आयोजन होते हैं. इस बार गंगा दशहरा के महापर्व पर काशी में सबसे अलग तस्वीर नजर आएगी. कहीं मां गंगा को 500 मीटर लम्बी चुनरी चढ़ाई जाएगी, तो कहीं उन्हें 56 भोग भी लगाया जाएगा. इन सबके अलावा काशी में गंगा दशहरा पर महाआरती का आयोजन भी होगा.

अस्सी घाट से लेकर नमो घाट तक होने वाले अलग-अलग आयोजनों में लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे. दशाश्वमेघ घाट पर गंगा सेवा निधि और गंगोत्री सेवा समिति की ओर से मां गंगा की भव्य महाआरती होगी. नजारा भी देव दीपावली जैसा होगा. महाआरती के पहले ही घाटों पर हजारों दीप जलेंगे. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा का विशेष पूजन होगा. फिर 11 बटुकों की ओर से महाआरती की जाएगी. इस दौरान रिद्धि-सिद्धि के तौर पर कन्याएं भी मौजूद रहेंगी.

500 मीटर लम्बी चुनरी चढ़ेगी
वहीं अस्सी घाट पर भी जय मां गंगा सेवा समिति और ब्रह्म राष्ट्र एकम के सयुंक्त तत्वाधान में कई आयोजन होंगे. सुबह सवेरे मां गंगा को 500 मीटर लम्बी चुनरी चढ़ाई जाएगी. इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद होंगी. वहीं शाम को मां गंगा को 56 तरह के भोग भी लगाएं जाएंगे. बाद भी इन भोग को प्रसाद स्वरूप वितरित किया जाएगा. इस दौरान मां गंगा के भव्य प्रतिमा का विशेष श्रृंगार भी होगा.

समिति से जुड़े बद्रीविशाल ने बताया कि गंगा दशहरा के दिन ही मां गंगा का अवतरण स्वर्ग लोक से पृथ्वी लोक पर हुआ था. राजा सगर के पुत्रों के उद्धार के लिए भागीरथी के कड़ी तपस्या के बाद मां गंगा स्वर्ग लोक से पृथ्वी लोक पर अवतरित हुई थी. उनके प्रचंड वेग को संभालने के लिए भगवान शिव ने उन्हें अपने जटाओं में स्थान दिया था.

गंगा स्नान का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा में स्नान से सात जन्मों के पापों से भी मुक्ति मिल जाती है. यही वजह है कि काशी, प्रयागराज और हरिद्वार समेत कई धार्मिक शहरों में भक्त गंगा में स्नान करतें है.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



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