काशी में दुनिया का सबसे अनोखा इंटरनेशनल स्टेडियम, त्रिशूल, डमरू और बेलपत्र की दिखेगी झलक

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काशी में दुनिया का सबसे अनोखा इंटरनेशनल स्टेडियम, त्रिशूल, डमरू और बेलपत्र की दिखेगी झलक


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Varanasi Cricket Stadium: वाराणसी में दुनिया का सबसे अनोखा क्रिकेट स्टेडियम तैयार हुआ है. पहली बार इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मंदिर जैसी अनुभूति होगी. यहां त्रिशूल, डमरू, बेलपत्र की झलक दिखेगी. बनारस के गंजारी में बन रहें इस स्टेडियम का 95 फीसदी काम पूरा हो गया है. बाकी बचे 5 फीसदी काम को भी अगले महीने तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

इस स्टेडियम का निर्माण काम पूरा होने के बाद इसे BCCI को हैंडओवर कर दिया जाएगा. फिलहाल स्टेडियम में डमरू के आकार वाले मीडिया सेंटर पर ग्लास लगाने का काम शुरू हो चुका है. इसके अलावा स्टेडियम के बाहरी हिस्से की सड़क और अन्य चींजों के निर्माण का काम भी जारी है.

इसके अलावा स्टेडियम के बाउंड्री वॉल पर थीम बेस पेंटिंग भी की जा रही है. इस पेंटिंग में दीवारों पर बेलपत्र वाली आकृति को उकेरा जा रहा है.वहीं बेलपत्र जो भगवान शिव को अतिप्रिय है. इसके अलावा स्टेडियम के रूफ का काम भी पूरा हो गया. इस रूफ को अर्धचंद्राकार स्वरूप दिया गया है. काशी के गंगा तट पर बसे घाट भी इसी स्वरूप में है.

अगस्त महीने में इस स्टेडियम का निर्माण काम पूरा कर लिया जाएगा. इस स्टेडियम में प्रैक्टिस पिच भी पूरी तरह तैयार हो गया है. प्रोजेक्ट डायरेक्टर सरोज शुक्ला ने बताया कि अगस्त में जब इसके निर्माण का काम पूरा हो जाएगा उसके बाद यहां एक ट्रायल मैच का आयोजन भी होगा. उसके बाद जो खामियां होंगी उसे दूर किया जाएगा.फिर दिसम्बर महीने से यहां नेशनल और इंटरनेशनल क्रिकेट मैच भी हो सकेंगे.

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इस स्टेडियम में त्रिशूल के आकार वाली फ्लड लाइट को लगाया गया है. इस लाइट्स को 6 स्टेप्स में इन्टॉल किया गया है. फिलहाल इस स्टेडियम में 32 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था है,भविष्य में इसे 40000 हजार तक बढ़ाया जा सकता है. इसके अलावा यहां 2000 वाहनों के कैपिसिटी वाला पार्किंग भी है.

खास बात यह भी है कि इस मूसलाधार बारिश के बाद भी यहां आसानी से मैच हो सकेगा. जितनी भी बारिश हो उसके 30 मिनट के बाद इस स्टेडियम को वापस से खेलने के लिए तैयार कर लिया जाएगा. इस स्टेडियम का डैनेज सिस्टम भी बेहद खास और हाईटेक है. इस स्टेडियम में एक पांड भी तैयार किया गया है. इसके अलावा यहां एसटीपी प्लांट भी है.

इस एसटीपी प्लांट के जरिए रेन वॉटर के साथ यूज वॉटर को रिसाइकल कल उसे दोबारा यूज में लिया जा सकेगा. जिससे जल संरक्षण भी होगा.यह एसटीपी प्लांट हाईटेक टेक्नोलॉजी से तैयार हुआ है. इस स्टेडियम के निर्माण पर BCCI ने 451 करोड़ रुपये खर्च किए है. इसमें एक बड़ा हिस्सा जमीन अधिग्रहण में खर्च हुआ है.

इन सब के अलावा इस स्टेडियम में हाईटेक फायर सिस्टम भी इंस्टॉल किया गया है. ताकि किसी भी आपात स्तिथि में कोई अक्रिय घटना न हो सकें. सरोज शुक्ला ने बताया कि ग्राउंड के दर्शक दीर्घा में जैसे ही धुंआ उठेगा या आग लगेगी वैसे ही सेंसर बेस स्प्रिंकल से पानी का छिड़काव शुरू हो जाएगा. इसके अलावा कंट्रोल रूम से भी तुरंत पूरी स्तिथि पर नियंत्रण रखा जा सकेगा.

बता दें कि अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी आधारशिला रखी थी. करीब 3 साल में इस हाईटेक स्टेडियम को तैयार कर किया गया है. माना जा रहा है सितंबर महीने में पीएम मोदी इसकी सौगात दें सकतें है. इस उद्घाटन में पीएम मोदी के अलावा कई नामचीन क्रिकेटर भी यहां मौजूद रहेंगे. हालांकि अभी इसकी कोई ऑफिसियल जानकारी नहीं मिली है.

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