ग्राउंड रिपोर्ट: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर 100 की स्पीड का दावा, लेकिन 60 km/h पर ही वाहनों का बैलेंस बिगड़ा
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Delhi-Dehradun Expressway News : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को हाई-स्पीड यात्रा का मॉडल बताया जा रहा है, लेकिन ग्राउंड पर स्थिति इसके विपरीत नजर आती है. कई हिस्सों में सड़क की ऊंची-नीची पैचिंग, दरारें और बैठ चुके सेक्शन ऐसे हैं कि 60 km/h की स्पीड पर भी वाहन हिचकोले खाने लगते हैं. ट्रायल रन के दौरान सामने आई ये खामियां निर्माण की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं.
सहारनपुर : दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेसवे पर ट्रायल 1 दिसंबर एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ है. 210 किलोमीटर लंबे इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर ट्रायल रन पहले ही शुरू हो चुका है, और अब दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से बागपत तक का हिस्सा वाहनों के लिए खोल दिया गया है. दावा है कि इस रूट पर यात्री बिना किसी टोल शुल्क के 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से सफर कर सकते हैं. इधर, बागपत से सहारनपुर तक का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, हालांकि कई सेक्शन अभी अधूरे हैं. निर्माण एजेंसियों का कहना है कि सहारनपुर क्षेत्र में शेष काम दिसंबर 2025 के अंत तक पूरा हो जाएगा. अनुमान है कि फरवरी 2026 तक पूरा एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा. जबकि सहारनपुर में इस हाईवे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है.
यदि आप सहारनपुर से देहरादून की ओर नेशनल हाईवे से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक है. सहारनपुर क्षेत्र से गुजरते इस हाइवे में खामियों की भरमार है. कई जगह पैचिंग की गई है लेकिन इसके बाद भी सड़क में दरारें दिखाई देती हैं और कुछ स्थानों पर गड्ढे भी बन गए हैं. खास बात यह है कि कुछ हिस्सों में हाईवे के बैठ जाने के बाद उसे ठीक तो किया गया, लेकिन मरम्मत इतनी कमजोर है कि समस्या जस की तस बनी हुई है. ऐसे हालात निर्माण कार्य में लापरवाही को उजागर करते हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं.
फरवरी में होगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
हालांकि कुल निर्माण का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा बताया जा रहा है, फिर भी कई सेक्शन अभी मानक के अनुरूप नहीं दिखते. इस एक्सप्रेसवे का फरवरी में उद्घाटन होना है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए स्पष्ट है कि हाइवे को जिस गुणवत्ता के साथ तैयार होना चाहिए, वह अभी दिखाई नहीं दे रही है. यदि आप दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से यात्रा कर रहे हैं, तो गति नियंत्रित रखें और सावधानी से ड्राइव करें, क्योंकि आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षित यात्रा की सबसे बड़ी गारंटी है.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के 5 रोचक तथ्य
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की आधारशिला 4 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी, जबकि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसका शिलान्यास 26 फरवरी 2021 को किया था.
- यह परियोजना भारतमाला योजना के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों शहरों के बीच यात्रा समय को कम करना है.
- एक्सप्रेसवे के पूरा होने पर जहां दिल्ली से देहरादून का सफर 5-6 घंटे में तय होता था, वही दूरी अब मात्र ढाई घंटे में पूरी हो सकेगी.
- इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता है राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर बना एशिया का सबसे लंबा 12 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर, जिसमें 6 एनिमल अंडरपास शामिल हैं. यह संरचना पूरी तरह इको-फ्रेंडली डिजाइन पर आधारित है.
- साथ ही, पूरे एक्सप्रेसवे को अत्याधुनिक सुविधाओं जैसे हाई-टेक पार्किंग, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, रेस्टोरेंट, एटीएम और अन्य आवश्यक सेवाओं से लैस किया जा रहा है.
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मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें