घर का कचरा बनेगा शहर की ताकत! प्लास्टिक कचरे से बनेंगी स्मार्ट सड़कें
कानपुर: कानपुर के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. अब शहर की सड़कों पर गड्ढे नहीं, बल्कि टिकाऊ और मजबूत रास्ते दिखेंगे. नगर निगम ने एक नई और अनोखी पहल की शुरुआत की है, जिसमें प्लास्टिक वेस्ट से सड़कें बनाई जाएंगी. यह प्रयोग पहली बार कानपुर में होने जा रहा है और इसके लिए 90 करोड़ रुपये की बड़ी राशि मंजूर की गई है.
इस बार यह योजना हवा में नहीं है. नगर निगम ने इसे पुख्ता और सफल बनाने के लिए आईआईटी कानपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विशेषज्ञों की मदद ली है. दो-तीन साल पहले भी एक बार प्लास्टिक रोड बनाने की कोशिश हुई थी, लेकिन वह प्रयोग सफल नहीं हो सका था. अब आईआईटी के वैज्ञानिकों की गहन स्टडी और तकनीकी सहायता के साथ यह परियोजना फिर शुरू की गई है.
कैसे बनेंगी ये सड़कें?
नए प्लान के अनुसार, सड़कों में 7-8 प्रतिशत प्लास्टिक और बाकी हिस्सा बिटुमिन का होगा. प्लास्टिक का ये हिस्सा हमारे घरों, दुकानों और फैक्ट्रियों से निकलने वाले कचरे से निकाला जाएगा, जिसे साफ और प्रोसेस करके सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा.
अधिकारियों का कहना है कि ये सड़कें सामान्य सड़कों से ज्यादा मजबूत और टिकाऊ होंगी. बारिश, धूप या भारी ट्रैफिक – किसी भी वजह से ये आसानी से नहीं टूटेंगी. इससे हर साल मरम्मत पर होने वाला खर्च भी बचेगा. इन सड़कों की लाइफ सामान्य सड़कों से कई गुना ज्यादा होगी.
किन जगहों पर बनेंगी प्लास्टिक रोड?
शहर के 6 जोनों में 15 अलग-अलग जगहों पर प्लास्टिक रोड बनाई जाएंगी.
जोन 1: महफिल रेस्टोरेंट से फूलबाग चौराहा
जोन 2: जीटी रोड से तिकोनिया पार्क
जोन 3: तेजा गुमटी, मंगलम मार्केट, बगाही ईदगाह, जूही डिपो
जोन 4: रामेश्वर मंदिर, महाराष्ट्र मंडल रोड, चांदनी नर्सिंग होम, लकड़मंडी, स्वरूप नगर
जोन 5: सिंह मोटर्स के पास
जोन 6: शारदा नगर, पांडु नगर
नगर आयुक्त सुधीर कुमार के मुताबिक, इस योजना का एक और बड़ा फायदा यह है कि हर दिन निकलने वाले प्लास्टिक कचरे का भी समाधान होगा. पनकी स्थित वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में हर दिन सैकड़ों मीट्रिक टन कचरा प्रोसेस किया जाता है. अब इसका इस्तेमाल सड़कों के लिए होगा, जिससे शहर साफ रहेगा और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा.
कानपुर बनेगा पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल
अगर यह परियोजना सफल रहती है तो कानपुर उत्तर प्रदेश का पहला शहर होगा, जहां प्लास्टिक वेस्ट से इस तरह टिकाऊ सड़कें बनाई जाएंगी. इससे न केवल सड़कों की हालत सुधरेगी, बल्कि कानपुर को स्वच्छ, स्मार्ट और पर्यावरण के अनुकूल शहरों की सूची में शामिल किया जा सकेगा.