तुम सब पढ़ने नहीं, खाने… टीचर के इतना कहते ही मचा बवाल! मुरादाबाद में छात्रों ने किया हंगामा
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मुरादाबाद में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय स्कूल में गुरुवार को उस वक्त हंगामा मच गया जब छात्रों ने खराब खाने और शिक्षकों के बुरे व्यवहार को लेकर विरोध शुरू कर दिया. आरोप है कि टीचरों ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित क…और पढ़ें
जयप्रकाश नारायण सर्वोदय स्कूल में हंगामाछात्रों का आरोप है कि स्कूल में पढ़ाई नहीं होती जबकि बोर्ड परीक्षा पास आ रही है. साथ ही स्कूल में उन्हें खराब खाना परोसा जा रहा है. भोजन की गुणवत्ता इतनी खराब होती है कि कई बार खाने योग्य ही नहीं रहता. इसके अलावा छात्रों का कहना है कि शिक्षकों का व्यवहार भी उनसे बेहद खराब है. छात्र-छात्राओं का आरोप है कि कुछ शिक्षक उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ रहा है. छात्रों का आरोप है कि जब खाने और पढ़ाई की शिकायत करते हैं तो जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया जाता है.
गुरुवार को जब छात्रों का सब्र टूट गया तो उन्होंने कक्षाएं छोड़कर स्कूल के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया. छात्र स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे. इस दौरान वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए. छात्रों का कहना है कि कई बार उन्होंने अपनी समस्याओं को स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों के सामने रखा, लेकिन हर बार उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया. यहां तक कि जब उन्होंने खाने और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए, तो उन्हें डांटकर चुप करा दिया गया. छात्रों का आरोप है कि यह सब लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अब स्थिति बहुत खराब हो गई है.
तूल पकड़ सकता है मामला
धरने पर बैठे छात्रों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे स्कूल नहीं जाएंगे और आंदोलन जारी रहेगा. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाने का प्रयास किया. पुलिस ने छात्रों से शांति बनाए रखने और अपनी समस्याएं लिखित में देने को कहा, ताकि जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके. हालांकि, देर शाम तक छात्र धरने पर डटे रहे और प्रशासन व प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे. फिलहाल, मामला तूल पकड़ता जा रहा है. देखना होगा कि स्कूल प्रशासन और जिला प्रशासन इस पूरे विवाद को कैसे सुलझाते हैं। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर से स्कूलों में छात्रों के साथ हो रहे व्यवहार और भोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.