पिंक ताइवान अमरूद की खेती, 500 ग्राम का एक फल, पारंपरिक खेती से मिल रहा ज्यादा मुनाफा
गाजीपुर: पकड़ी गांव में युवा किसान अनूप राय ने पारंपरिक गेहूं-धान की खेती से अलग रास्ता चुना है. वे इन दिनों पिंक ताइवान अमरूद की खेती कर रहे हैं, जो न सिर्फ देखने में आकर्षक है बल्कि कम समय में बेहतर मुनाफा भी दे रहा है. लाल गूदे वाला अमरूद भारत के अलावा ताइवान, थाईलैंड और ब्राज़ील जैसे देशों में भी उगाया जाता है. अनूप राय का दावा है कि गाजीपुर के कुछ बड़े स्मार्ट बाजार उनके पिंक ताइवान अमरूद को लेने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. उनका कहना है कि उन्होंने सैंपल दिखाए हैं और क्वालिटी, साइज और कलर देखकर रिटेल चेन ने पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया है.
साल में तीन बार फल होता है
अनूप राय बताते हैं कि पिंक ताइवान की खासियत यह है कि यह साल में लगभग तीन बार फल देता है. जनवरी-फरवरी में इसका तीसरा सीजन चल रहा है. एक अमरूद का वजन करीब 400 से 500 ग्राम तक पहुंच जाता है. आकार बड़ा, छिलका चमकदार और अंदर का गूदा हल्का लाल यानी रेडिश रंग का होता है, जो इसे सामान्य सफेद अमरूद से अलग बनाता है. फल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अनूप राय ने हर अमरूद को फ्रूट कवर बैग से ढका है. इससे कीट और धूप से सुरक्षा मिलती है और केमिकल स्प्रे की जरूरत कम पड़ती है. उनका दावा है कि वे कम से कम रासायनिक दवाओं का इस्तेमाल करते हैं, ताकि स्वाद और पोषण दोनों बरकरार रहें.
पिंक ताइवान अमरूद क्यों है खास?
ज्यादा पोषण, इसमें विटामिन C सामान्य अमरूद से ज्यादा पाया जाता है और लाल गूदे में लाइकोपीन होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है. नेचुरल रेड पल्प, इसका गुलाबी-लाल गूदा लाइकोपीन की वजह से होता है, जो दिल की सेहत और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद माना जाता है. साल में तीन बार फल, सही छंटाई (प्रूनिंग) और देखभाल से यह किस्म एक साल में कई बार फल देती है, जिससे किसान को लगातार आमदनी मिलती है. बाज़ार में ऊँची मांग, जूस, प्यूरी और हेल्थ ड्रिंक बनाने वाली कंपनियाँ लाल गूदे वाले अमरूद को ज्यादा पसंद करती हैं. इसलिए इसकी कीमत आम अमरूद से बेहतर मिलती है. जलवायु अनुकूल किस्म 23–28 डिग्री तापमान और अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी में यह बेहतर उत्पादन देती है. फ्रूट कवर टेक्निक, अनूप राय ने फल को कीट और धूप से बचाने के लिए बैगिंग तकनीक अपनाई, जिससे फल साफ, चमकदार और केमिकल-फ्री रहा.
फाइबर, एंटऑक्सीडेंट और मिनिरल्स है भरपूर
पोषण की बात करें तो पिंक ताइवान अमरूद में विटामिन-सी की मात्रा काफी अधिक होती है. फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स भी भरपूर मिलते हैं, जो इम्यूनिटी और पाचन के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. अनूप राय कहते हैं, गेहूं-धान तो सब कर लेते हैं, लेकिन जहां रिस्क है वहीं प्रॉफिट है. शुरुआती लागत थोड़ी ज्यादा है पौधे, ड्रिप सिंचाई और देखभाल लेकिन अच्छी क्वालिटी का फल बाजार में ऊंचे दाम पर बिकता है. एक किलो पिंक ताइवान अमरूद का रेट सामान्य अमरूद से अधिक मिलता है, जिससे जीविका के लिए यह बेहतर विकल्प बन सकता है.