फीस जमा होने के बाद भी नहीं मिला परीक्षा देने का मौका, विश्वविद्यालय पर लगाया छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप

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फीस जमा होने के बाद भी नहीं मिला परीक्षा देने का मौका, विश्वविद्यालय पर लगाया छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप


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Greater noida news: :छात्र मोहित नागर ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से लाखों रुपये की फीस वसूलने के बावजूद उन्हें परीक्षा में बैठने से रोक दिया. फीस जमा करने के बाद भी छात्रों को परीक्षा से वंचित करना न केवल अन्याय है, बल्कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है. उन्होंने मांग की कि छात्रों से ली गई पूरी फीस की रिकवरी कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.

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ग्रेटर नोएडा: गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में कथित धांधली और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर समाजवादी छात्र सभा ने कड़ा रुख अपनाया है. छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मोहित नागर ने विश्वविद्यालय के कुलपति और रजिस्ट्रार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार चल रहा है, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है.

मोहित नागर ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से लाखों रुपये की फीस वसूलने के बावजूद उन्हें परीक्षा में बैठने से रोक दिया. फीस जमा करने के बाद भी छात्रों को परीक्षा से वंचित करना न केवल अन्याय है, बल्कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है. उन्होंने मांग की कि छात्रों से ली गई पूरी फीस की रिकवरी कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.

कुलपति पर लगाए आरोप

प्रेसवार्ता के मुताबिक विश्वविद्यालय में नियमों और मानकों को नजरअंदाज कर अनुभवहीन लोगों को उच्च पदों पर नियुक्त कर दिया गया. मोहित नागर ने रजिस्ट्रार की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना आवश्यक शैक्षणिक और प्रशासनिक मानक पूरे किए ही उन्हें इस पद पर बैठाया गया, जो विश्वविद्यालय की गरिमा के खिलाफ है. छात्र सभा के जिलाध्यक्ष ने विश्वविद्यालय के कुलपति पर भी गंभीर आरोप लगाए.

उन्होंने दावा किया कि कुलपति ने अपने रिश्तेदारों और सगे संबंधियों को विश्वविद्यालय में नौकरी दिलाई, जो पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन है. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले एक छात्र को ही अहम प्रशासनिक पद पर बैठा दिया गया, जिससे निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं.

5 जनवरी तक अल्टीमेटम

मोहित नागर ने विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कई वर्षों से विश्वविद्यालय की बैलेंस शीट सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका और बढ़ जाती है. छात्र सभा ने मांग की कि विश्वविद्यालय के सभी वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. नागर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि 5 जनवरी तक दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो समाजवादी छात्र सभा विश्वविद्यालय के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करेगी, इस दौरान प्रशांत भाटी, कृष्ण रावल, अंकित नागर, प्रिंस भाटी, प्रशांत वर्मा सहित कई छात्र नेता मौजूद रहे, जिन्होंने छात्रों के हित में संघर्ष जारी रखने की बात कही.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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