बंगाल की खाड़ी से आ रही आफत, दिल्ली से बिहार तक 11 राज्यों में IMD अलर्ट

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बंगाल की खाड़ी से आ रही आफत, दिल्ली से बिहार तक 11 राज्यों में IMD अलर्ट


देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और अगले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए भारी बारिश वाले रहने वाले हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार 6 जुलाई को गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक और केरल में भी तेज बारिश का दौर जारी रहेगा. वहीं दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब और हरियाणा में भी अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है.

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के क्षेत्र, सक्रिय मानसूनी ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त असर से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में मानसून को नई ताकत मिली है. अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.

दिल्ली-एनसीआर में पूरे सप्ताह बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.

दिल्ली-एनसीआर में अब खुलेगा बारिश का खाता

दिल्ली-एनसीआर में मानसून पहुंचने के बावजूद शुरुआती दिनों में उम्मीद मुताबिक बारिश नहीं हुई, लेकिन अब मौसम तेजी से करवट लेने वाला है. IMD ने आज दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भारी बारिश की संभावना जताई है. कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि, तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं. लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है.

यूपी में भी खूब झमाझम

उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है. IMD के अनुसार 6 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश हो सकती है. कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है.

7 से 11 जुलाई के बीच बारिश का दायरा और बढ़ेगा. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 और 11 जुलाई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है. इससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. किसानों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

उत्तराखंड में संभलकर रहिये जरा

उत्तराखंड में अगले कई दिन भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है. मौसम विभाग ने 6 जुलाई को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है.

चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है. प्रशासन ने यात्रियों से मौसम अपडेट लेकर ही यात्रा करने की अपील की है.

बिहार में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश

बिहार में आज कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है. मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. कुछ इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

6 जुलाई को राज्य में मध्यम से तीव्र बिजली गिरने की गतिविधि की भी आशंका जताई गई है. लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है. 6 से 8 जुलाई तक कई जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.

झारखंड में आंधी-बिजली और घंघोर घटा

झारखंड में अगले कुछ दिनों तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा. मौसम विभाग ने 6 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है. इसके साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी गई है.

राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. लगातार बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका है. प्रशासन ने लोगों से मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.

मध्य भारत में सबसे ज्यादा बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मानसून का असर सबसे अधिक देखने को मिलेगा. खासकर छत्तीसगढ़ में 6 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं और निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है.

गुजरात, कोंकण और महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश

गुजरात, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में अगले 24 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं. मौसम विभाग ने इन इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और कोंकण के कई हिस्सों में तेज बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक जाम और स्थानीय परिवहन प्रभावित हो सकता है.

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून सक्रिय

ओडिशा में 6 जुलाई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का दौर बना रहेगा. कई इलाकों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की चेतावनी भी जारी की गई है.

दक्षिण भारत में भी तेज बारिश जारी

केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. तटीय कर्नाटक और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. कई इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.

समुद्र में ऊंची लहरें, मछुआरों के लिए चेतावनी

मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में तेज हवाओं और ऊंची लहरों की चेतावनी जारी की है. ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों में समुद्र उफान पर रहेगा. 7 जुलाई तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है.

लगातार बारिश और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने, बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में नहीं रुकने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है. अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है.

मौसम पूर्वानुमान की खास बातें…

आज देश में सबसे ज्यादा बारिश किन राज्यों में होने की संभावना है?
आईएमडी के मुताबिक छत्तीसगढ़, गुजरात, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी, जबकि कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है.

दिल्ली-एनसीआर का मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को भारी बारिश के आसार हैं. गरज-चमक, तेज हवाएं और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. अगले दो-तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट भी संभव है.

मध्य भारत के किन राज्यों में अलर्ट जारी है?
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.

पश्चिमी भारत में किन राज्यों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है?
गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ में मूसलाधार बारिश के साथ बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है.

लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
भारी बारिश वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और निचले इलाकों में जलभराव से सतर्क रहें.



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