बरेली-हल्द्वानी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी, यूपी-उत्तराखंड का सफर आसान
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Bareilly Haldwani Greenfield Expressway: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सफर, सियासत और व्यापार को एक नई रफ्तार मिलने वाली है. केंद्र सरकार और एनएचएआई की महत्वाकांक्षी योजना के तहत बरेली से हल्द्वानी के बीच 100 किलोमीटर लंबा ‘ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे’ बनने जा रहा है. यह एक्सप्रेसवे न केवल यूपी और उत्तराखंड के बीच की दूरी को समेटेगा, बल्कि दोनों राज्यों के पर्यटन और औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा. इस नए हाईवे के बनने से बरेली से हल्द्वानी का सफर 3 घंटे से भी ज्यादा कम हो जाएगा.
बरेली: यूपी और उत्तराखंड के बीच पर्यटन, व्यापार और आवागमन को नई गति देने के लिए एक बड़ी सड़क परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है. बरेली से हल्द्वानी के बीच प्रस्तावित 100 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे आने वाले वर्षों में पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है. यह परियोजना न केवल यात्रा का समय कम करेगी बल्कि पर्यटन और उद्योग को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी.
इन 6 महत्वपूर्ण शहरों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
केंद्र सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई (NHAI) देशभर में आधुनिक सड़क नेटवर्क तैयार करने में जुटे हैं. इसी कड़ी में बरेली-हल्द्वानी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी मिली है. लगभग 100 किलोमीटर लंबा यह चार लेन एक्सेस कंट्रोल हाईवे बरेली को सीधे उत्तराखंड के प्रवेश द्वार हल्द्वानी से जोड़ेगा. प्रस्तावित एक्सप्रेसवे बरेली, फरीदपुर, आंवला, बहेड़ी, किच्छा और लालकुआं होते हुए हल्द्वानी तक पहुंचेगा. इसके निर्माण के बाद यात्रियों को वर्तमान मार्गों की भीड़भाड़ और ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिलेगी. सबसे बड़ी बात यह है कि बरेली से हल्द्वानी तक पहुंचने में लगने वाला समय तीन घंटे से अधिक कम हो जाएगा.
ऐतिहासिक और व्यापारिक संबंधों का नया सेतु
वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने लोकल 18 को बताया कि बरेली और कुमाऊं क्षेत्र का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध सदियों पुराना रहा है. यह एक्सप्रेसवे केवल सड़क नहीं बल्कि दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बीच आर्थिक और सामाजिक विकास का नया सेतु साबित होगा. इससे पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा.
कुमाऊं के पर्यटन और उद्योगों को मिलेगा सीधा लाभ
हल्द्वानी को कुमाऊं का प्रवेश द्वार कहा जाता है. नैनीताल, भीमताल, रानीखेत, अल्मोड़ा और अन्य पर्वतीय पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले अधिकांश पर्यटक इसी मार्ग का उपयोग करते हैं. वर्तमान में पर्यटन सीजन के दौरान इस क्षेत्र में भारी ट्रैफिक दबाव देखने को मिलता है, लेकिन नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी. यह परियोजना केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है. पंतनगर, रुद्रपुर और लालकुआं के औद्योगिक क्षेत्रों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा. माल ढुलाई आसान होगी और उत्तराखंड के उत्पाद तेजी से उत्तर प्रदेश तथा देश के अन्य बाजारों तक पहुंच सकेंगे.