मगरमच्छ के मुंह में था लाल, मां बन गई तूफान, दिया ऐसा धोबी पछाड़, बचा ली उसकी जान

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मगरमच्छ के मुंह में था लाल, मां बन गई तूफान, दिया ऐसा धोबी पछाड़, बचा ली उसकी जान


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Bahraich News: डीएफओ राम सिंह यादव ने परिवार को आश्वासन दिया कि मगरमच्छ को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जो वापस नाले में चला गया है. लखनऊ से लगभग 150 किलोमीटर उत्तर में ढकिया में अब डर का माहौल है…और पढ़ें

मगरमच्छ के मुंह में था लाल, मां बन गई तूफान, दिया ऐसा धोबी पछाड़, बचा ली जानमगरमच्छ के मुंह से खींच लाई बच्चे को मां. (सांकेतिक तस्वीर-AI)
लखनऊ: जब बात अपने बच्चों पर आ जाए तो मुसीबतों से लड़ने के लिए मां के भीतर ऐसी ताकत आ जाती है कि वो किसी भी बड़े से बड़े तूफान से टकरा सकती है. ऐसी ही मां की एक गजब का साहसी कहानी सामने आई है, जो अपने बेटे को मौत के मुंह से खींच ले आई है. दरअसल, उस मां का बेटा मगरमच्छ के जबड़े में था. लेकिन मां ने हिम्मत दिखाते हुए उस मगरमच्छ से भिड़ गई. गांव के नाले में करीब पांच मिनट तक मां और मगरमच्छ की जबरदस्त लड़ाई चलती रही. इस दौरान मां-बेटे दोनों ही मौत के बिल्कुल करीब थे. लेकिन मां ने मगरमच्छ पर ऐसा प्रहार किया कि सात फुट का मगरमच्छ धूल चाटता हुआ नजर आया और भाग गया.

बच्चे की आवाज सुनकर मां पहुंची मगरमच्छ के पास
यह घटना सोमवार शाम उत्तर प्रदेश के बहराइच के ढकिया गांव की है. जब एक नाले के पास खेल रहे वीरू को एक मगरमच्छ ने पकड़ लिया और पानी की ओर खींच लिया. उसकी चीखें सुनकर उसकी मां माया वहां पहुंची गई. वह दौड़ी और उस मगरमच्छ से भिड़ गई, वैसे तो किसी भी जीवित जानवर की तुलना में मगरमच्छ के काटने की शक्ति सबसे ज़्यादा होती है, जिससे वह बड़े शिकार को मार सकता है और हड्डियों को आसानी से कुचल सकता है. टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए माया ने बताया कि वह अपनी जान की परवाह किए बिना ही पानी में कूद गई.

मगरमच्छ को लोहे के रॉड से मारा
माया ने बताया, ‘मगरमच्छ मेरे बेटे को नीचे खींच रहा था, लेकिन मैंने पूरी ताकत से उसे थामे रखा. मैंने उसे मारा, उसके पंजे पकड़े, और उसे छोड़ने से इनकार कर दिया. मैंने अपनी पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी. आखिरकार, मेरे द्वारा पकड़ी गई लोहे की रॉड के वार से उसने मेरे बच्चे को छोड़ दिया. मेरा बेटा बच गया.’ वीरू को गंभीर चोटें आईं हैं.

अब डर के साये में गांव के लोग
माया को भी चोटें आईं हैं. दोनों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. उसके बेटे का इलाज चल रहा है. डीएफओ राम सिंह यादव ने परिवार को आश्वासन दिया कि मगरमच्छ को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जो वापस नाले में चला गया है. लखनऊ से लगभग 150 किलोमीटर उत्तर में ढकिया में अब डर का माहौल है. ग्रामीण बैरिकेडिंग, गश्त और जाल लगाने की मांग कर रहे हैं.

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Prashant Rai

Prashant Rai is a seasoned journalist with over seven years of extensive experience in the media industry. Having honed his skills at some of the most respected news outlets, including ETV Bharat, Amar Ujala, a…और पढ़ें

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