वाराणसी: मीट व्यापारियों की समस्या खत्म, सरकार ने बिक्री के लिए दिया खुला मंच
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Varanasi News: वाराणसी में बकरीद से ठीक पहले बकरामंडी में ताला लगने के बाद मीट व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई थीं, जिसको देखते हुए प्रशासन ने एक और आदेश जारी किया. आइए जानते हैं कि इस नए फैसले से मीट व्यापारियों को क्या फायदा होगा.
वाराणसी मीट मार्केट को लेकर फैसला
वाराणसी: बनारस में इन दिनों मीट व्यापारियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं. एक तरफ जहां विश्वनाथ मंदिर के दो किलोमीटर के परिक्षेत्र में मीट-मछली बेचने पर प्रतिबंध है तो वहीं धार्मिक त्योहारों पर दुकान बंद करने का निर्देश आ जाता है. लेकिन अब निगम ने एक योजना तैयार की है, जिसके कारण मीट व्यापारियों को अब दुकान बंद नहीं करनी पड़ेगी.
मंडी में मीट व्यापारियों के लिए खुला मंच
दरअसल निगम ने अपने कार्यकारिणी बैठक में यह निर्णय लिया है कि शहर के अलग-अलग चार स्थानों पर मीट मार्केट बनाया जाएगा, जहां सभी दुकानदारों को मीट बेचने का खुला मंच रहेगा. इस विषय पर शहर के मेयर अशोक तिवारी में बताया कि काशी धर्म और अध्यात्म की नगरी है. मीट खाने वालों को हम रोक नहीं सकते हैं, इसलिए विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र से हटकर चार स्थानों पर यह मार्केट बनाया जाएगा, जहां सभी दुकानदारों को मीट व्यवसाय करने की अनुमति होगी.
पुरानी बकरामंडी पर लगा ताला
वाराणसी में दशकों पुरानी बकरामंडी पर भी निगम के ताला लगा दिया है. वाराणसी के बेनियाबाग स्थित इस मंडी में मुस्लिम त्योहारों पर बकरों की बिक्री की जाती थी. लेकिन यह मंदिर विश्वनाथ मंदिर के दो किलोमीटर दायरे में थी, इसलिए निगम ने यहां ताला लगा दिया. ऐसे में व्यापारियों की चिंता बड़ी, जिसके बाद निगम ने यह फैसला लिया है कि मीट मार्केट की योजना जमीन पर लाई जाएगी.
पुरानी बकरामंडी मुद्दे पर जब वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी से पूछा गया तो उन्होंने स्मार्ट सिटी का हवाला देते हुए नगर निगम के एक्शन को जायज ठहराया. जबकि स्मार्ट सिटी के हेड और नगर अयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि टेंडर की शर्तों के मुताबिक वहां सफाई नहीं थी. गंदगी समेत तमाम शिकायतों के मिलने के बाद ये कार्यवाही की गई है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.