सड़क पर दिखा पीलीभीत का वनराज; रात के अंधेरे में कार के आगे चलता बाघ, वीडियो हुआ वायरल
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Pilibhit Latest News : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिज़र्व का पर्यटन सत्र समाप्त हुए भले ही एक महीने से अधिक समय बीत चुका हो, लेकिन जंगल के राजा बाघ के दीदार का सिलसिला अब भी जारी है. हाल ही में पीलीभीत से उत्तराखंड को जोड़ने वाली सड़क पर देर रात एक बाघ कार के आगे चहलकदमी करता नजर आया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
पीलीभीत: यूपी के पीलीभीत जिला हिमालय की शिवालिक पर्वतमाला की तलहटी में बसा हुआ है. प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर यह इलाका वन्यजीवों के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है. यही वजह है कि यहां बाघ, तेंदुआ, भालू समेत कई दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं. जिले का सबसे बड़ा आकर्षण पीलीभीत टाइगर रिज़र्व है, जो देश के प्रमुख टाइगर रिज़र्व में शुमार है.
71 से अधिक बाघ, 73 हजार हेक्टेयर में फैला जंगल
आंकड़ों के मुताबिक पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में इस समय 71 से अधिक बाघ मौजूद हैं. इसके अलावा लगभग इतनी ही संख्या में तेंदुए और भालू भी यहां पाए जाते हैं. इतना ही नहीं, इस क्षेत्र में 350 से अधिक प्रजातियों की चिड़ियां भी दर्ज की गई हैं. लगभग 73 हजार हेक्टेयर में फैला यह विशाल जंगल जैव विविधता का अनोखा उदाहरण पेश करता है.
जंगल के बीच से गुजरती हैं कई प्रमुख सड़कें
पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के बीच से कई प्रमुख सड़कें होकर गुजरती हैं. इनमें पीलीभीत–पूरनपुर, पीलीभीत–माधोटांडा और माधोटांडा–खटीमा मार्ग सबसे अहम हैं. इन सड़कों के आसपास बाघों की अच्छी-खासी मौजूदगी रहती है. यही कारण है कि इन मार्गों पर अक्सर बाघों की चहलकदमी देखने को मिलती है. राहगीर जब ऐसे दृश्य देखते हैं तो कई बार वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर देते हैं.
माधोटांडा–खटीमा मार्ग पर दिखा बाघ
हाल ही में सामने आया वीडियो माधोटांडा–खटीमा मार्ग का बताया जा रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि रात के अंधेरे में एक बाघ सड़क पर कार के आगे कुछ देर तक चलता है. इसके बाद वह सड़क से उतरकर जंगल की ओर चला जाता है. इस वीडियो ने एक बार फिर लोगों का ध्यान पीलीभीत के जंगलों और वहां मौजूद वन्यजीवों की ओर खींचा है.
वन विभाग की अपील, सतर्कता बेहद जरूरी
इस मामले में पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि जंगल से गुजरने वाले मार्गों पर वन्यजीवों का सड़क पर आना स्वाभाविक है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वन क्षेत्र से गुजरते समय वाहन तय गति सीमा में ही चलाएं और अनावश्यक रूप से रुककर शोर न करें. इससे न केवल लोगों की सुरक्षा बनी रहेगी, बल्कि वन्यजीवों को भी किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचेगा.
रोमांच के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी
पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की यह खासियत है कि यहां सड़क पर चलते हुए भी बाघों के दर्शन हो जाते हैं. यह दृश्य जितना रोमांचक होता है, उतना ही सतर्कता की मांग भी करता है. वन विभाग और प्रशासन की ओर से लगातार चेतावनी दी जाती रही है कि जंगल के रास्तों पर नियमों का पालन करें. तभी इंसान और वन्यजीवों के बीच संतुलन बना रह सकता है.