सहारनपुर का रामकेला आम: नाम में राम-हनुमान, स्वाद में दुनिया का सबसे खट्टा
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Ramkela Aam: उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जनपद अपनी खास पहचान ‘मैंगो बेल्ट’ के रूप में रखता है, जहां के आमों की मिठास सात समंदर पार तक अपनी महक बिखेरती है. वैसे तो यहां दशहरी, लंगड़ा और चौसा जैसी कई मशहूर वैरायटी उगाई जाती हैं, लेकिन इनमें सबसे अनोखा और मजबूत आम है ‘रामकेला’. भगवान श्री राम के नाम पर आधारित और दुनिया के सबसे खट्टे आमों में शुमार इस ‘अचारिया आम’ की कहानी जितनी दिलचस्प है, इसका स्वाद भी उतना ही लाजवाब है. आइए जानते हैं आखिर क्यों यह आम आंधी-तूफान में भी अडिग रहता है और क्यों 12 महीने इसकी डिमांड बनी रहती है.
Ramkela Aam: सहारनपुर जनपद जिसको मैंगो बेल्ट के नाम से जाना जाता है, यहां पर किसान आम की सैकड़ों प्रकार की वैरायटी को लगाना बेहद पसंद करते हैं. जबकि सहारनपुर की कुछ खास वैरायटी, जिसमें दसहरी, लंगड़ा, चौसा और रामखेला आम सबसे खास हैं, उनकी सबसे ज्यादा डिमांड रहती है. सहारनपुर का आम भारत देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक मिठास छोड़ता है, इसलिए सहारनपुर का नाम मैंगो के सीजन में हर किसी की जुबान पर रहता है.
राम और हनुमान के संबंध से जुड़ा है ‘रामकेला’ का नाम
सहारनपुर के जिस आम की आज हम बात करने जा रहे हैं, उसका नाम भगवान श्री राम के नाम पर पड़ा है, जबकि खाने में यह दुनिया का सबसे खट्टा आम भी कहा जाता है. सहारनपुर के किसान इस रामकेला आम की बागवानी भी बड़े क्षेत्रफल में करते हैं, इसलिए यह सहारनपुर का मुख्य आम भी माना जाता है. यह आम पकता नहीं बल्कि इसका इस्तेमाल विभिन्न तरह की खट्टी चीजों को बनाने में किया जाता है. अगर आप आम का अचार खाने के शौकीन हैं तो सबसे स्वादिष्ट रामकेला आम, जिसको अचारिया आम भी कहा जाता है, इसी का अचार सबसे स्वादिष्ट होता है.
इसलिए यह आम पकाने के बाद भी आपको खट्टा स्वाद ही देगा, जबकि 12 महीने आप इस आम का स्वाद अचार सहित विभिन्न तरह के प्रोडक्ट में आसानी से ले सकते हैं. वहीं इस आम के आकार की बात करें तो यह बिल्कुल अंडे के आकार जैसा होता है और देखने में बड़ा ही खूबसूरत लगता है.
आंधी-तूफान भी नहीं डिगा पाते इस मजबूत आम को: किसान विक्रम सिंह
किसान विक्रम सिंह ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि जिस आम के बारे में हम आज बात कर रहे हैं, वह एक अचारिया आम है और उसका नाम रामकेला है. इस आम को सहारनपुर की वैरायटी इसलिए कहा जाता है क्योंकि सहारनपुर में यह ज्यादा लगाया जाता है. इसका नाम भी बहुत खूबसूरत है; जिसने भी इसका नाम रखा होगा, राम के नाम पर इसका नाम रखा है. नाम रखने वाले ने राम और हनुमान का संबंध अपने आम के नामकरण में भी जोड़ने का प्रयास किया.
केला हनुमान जी का पसंदीदा फल था, तो राम के साथ केला उसमें जोड़कर संबंधों को भी जोड़ने की कोशिश की और बहुत सुंदर उस आम का नाम रामकेला रखा. रामकेला आम बहुत ही मजबूत आम है, आंधी-तूफान में इसका कुछ भी नहीं बिगड़ता. साथ ही यह आम की सबसे लेट वैरायटी है. इस आम का सबसे ज्यादा अचार और दूसरे आम के प्रोडक्ट्स बनाने में इस्तेमाल किया जाता है. इसका अचार सभी आम के अचार से स्वादिष्ट होता है. जबकि यह एक ऐसा आम है हर आम अपने सीजन में खाया जाता है लेकिन यह आम 12 महीने खाया जाता है. रामकेला आम मेरे पास लगभग 20 बीघा में लगा है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें