‘सीट शेयरिंग में मनमानी नहीं चलेगी’, बीजेपी ‘बॉस’ का NDA एनडीए को क्लियर मैसेज

0
‘सीट शेयरिंग में मनमानी नहीं चलेगी’, बीजेपी ‘बॉस’ का NDA एनडीए को क्लियर मैसेज


लखनऊ: यूपी चुनाव 2026 को लेकर एनडीए और इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर अभी से चर्चाएं शुरू हो गई है. एक तरफ इंडिया गठबंधन में कांग्रेस पार्टी जहां समाजवादी पार्टी से बराबरी की हिस्सेदारी मांग रही है, वहीं एनडीए में भी ओपी राजभर और संजय निषाद जैसे घटक दल अपने लिए पसंदीदा सीटों की डिमांड शुरू कर दी है. ऐसे में यूपी चुनाव की तैयारियों को लेकर लखनऊ पहुंचे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने यूपी में एनडीए के घटक दलों को सीट शेयरिंग को लेकर क्लियर मैसेज दे दिया है.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लखनऊ दौरे के दौरान एनडीए के प्रमुख सहयोगी दलों के नेताओं के साथ हुई बैठक में चुनावी रणनीति से लेकर सीटों के तालमेल तक कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.

सहयोगियों से संयम बरतने की अपील

बैठक में नितिन नवीन ने बीजेपी के सहयोगी दलों से फिलहाल किसी विशेष सीट पर सार्वजनिक रूप से दावा करने से बचने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे पर अंतिम फैसला उचित समय पर केंद्रीय नेतृत्व करेगा. साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि एनडीए की सभी पार्टियां उन विधानसभा क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दें, जहां 2022 के चुनाव में गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा था. बीजेपी नेतृत्व का संदेश साफ था कि फिलहाल संगठनात्मक मजबूती और आपसी तालमेल पर फोकस किया जाए.

आरएलडी ने पश्चिम से बाहर बढ़ते प्रभाव का किया दावा

राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) ने बैठक में दावा किया कि अब उसका प्रभाव केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है. पार्टी ने बताया कि उसने प्रदेश के सभी 18 मंडलों में संगठन का विस्तार किया है और पूर्वांचल तथा मध्य उत्तर प्रदेश में भी लगातार जनसभाएं और कार्यक्रम आयोजित किए हैं.

पार्टी नेताओं ने यह भी बताया कि केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने हाल के महीनों में देवरिया, बस्ती, वाराणसी और सोनभद्र जैसे जिलों में बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम किए हैं. इसी आधार पर आरएलडी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश की कुछ विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई.

आरएलडी ने यह सुझाव भी दिया कि सीटों का बंटवारा राजनीतिक ताकत, सामाजिक समीकरण और स्थानीय संगठन की मजबूती को आधार बनाकर किया जाना चाहिए. साथ ही राज्य, जिला और विधानसभा स्तर पर सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की जरूरत भी बताई.

ओबीसी वोटों को एकजुट करने पर सुभासपा का जोर

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने बैठक में पिछड़े वर्ग के वोटों को एकजुट करने की रणनीति पर जोर दिया. पार्टी का सुझाव था कि विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिनमें एनडीए के सभी सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हों.

सुभासपा का मानना है कि इससे अलग-अलग जातीय समूहों के बीच राजनीतिक समन्वय मजबूत होगा और गठबंधन को चुनावी फायदा मिलेगा. पार्टी ने उन विधानसभा सीटों की प्रारंभिक सूची भी बीजेपी नेतृत्व को सौंपी, जहां वह 2027 का चुनाव लड़ना चाहती है. सुभासपा का दावा है कि इन क्षेत्रों में उसने पिछले कई वर्षों के दौरान अपना संगठन काफी मजबूत किया है.

आजमगढ़ समेत सपा के गढ़ों पर नजर

सूत्रों के अनुसार, सुभासपा ने खासतौर पर आजमगढ़ जिले की उन सीटों पर दावा जताया है, जहां समाजवादी पार्टी की मजबूत पकड़ रही है और बीजेपी अब तक जीत दर्ज नहीं कर सकी है. इसके अलावा पार्टी ने आगामी जनसभाओं और कार्यक्रमों में बीजेपी के केंद्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं की भागीदारी की भी मांग की, ताकि गठबंधन की एकजुटता का संदेश मतदाताओं तक पहुंच सके.

निषाद पार्टी ने दोहराई पुरानी मांग

बैठक में निषाद पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने निषाद समुदाय को अनुसूचित जाति (एससी) का दर्जा देने का मुद्दा एक बार फिर उठाया. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष से आग्रह किया कि इस मांग को केंद्र सरकार के सामने मजबूती से रखा जाए. उनका कहना था कि दिल्ली में निषाद समुदाय को एससी का लाभ मिलता है, जबकि उत्तर प्रदेश में अभी तक यह व्यवस्था लागू नहीं है. संजय निषाद ने बैठक के बाद कहा कि चुनाव से पहले एनडीए के सभी सहयोगी दलों के बीच जमीनी स्तर पर बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है.

बीजेपी ने जताया जीत का भरोसा

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए मिलकर काम किया है और इसी आधार पर गठबंधन 2027 का विधानसभा चुनाव भी भारी बहुमत से जीतेगा. उन्होंने कहा कि चुनावी तैयारियां पूरी गंभीरता के साथ शुरू हो चुकी हैं और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

पूर्व प्रदेश अध्यक्षों से भी लिया फीडबैक

लखनऊ दौरे के दौरान नितिन नवीन ने बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ भी अलग बैठक की. इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति, संगठन की मजबूती और चुनावी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई. पार्टी नेतृत्व ने वरिष्ठ नेताओं से सुझाव लेकर चुनावी रोडमैप तैयार करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है.

सीट बंटवारे से पहले बढ़ेगी राजनीतिक खींचतान

एनडीए के सहयोगी दलों की ओर से अपनी-अपनी दावेदारी सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सीटों का बंटवारा आसान नहीं होगा. एक ओर बीजेपी गठबंधन को एकजुट रखते हुए चुनावी बढ़त बनाए रखना चाहती है, वहीं सहयोगी दल भी अपने बढ़ते जनाधार के आधार पर अधिक सीटों की मांग कर रहे हैं. ऐसे में आने वाले महीनों में सीट शेयरिंग को लेकर एनडीए के भीतर लंबी राजनीतिक बातचीत और मंथन देखने को मिल सकता है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *