आखिर क्या है पहलगाम आतंकी हमले की सच्चाई?
“उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले “शुभम द्विवेदी” को आतंकियों ने उतारा मौत के घाट”
//हाईलाइट//
- पहलगाम कहां स्थित है?
- पहलगाम हमला कब हुआ?
- पहलगाम हमले में मृतकों की सूची।
- कौन था शुभम द्विवेदी?
पहलगाम कहां स्थित है?
आईए जानते हैं पहलगाम कहां हैं,
जम्मू एंड कश्मीर के अंदर एक आनंदनाग नामक एक जिला है । इसके अंदर पड़ता है पहलगाम और पहलगाम से 5 किलोमीटर ऊपर चढ़ाई करने पर यहां पर 800 मीटर लंबा एक मैदान है, “बायसर” जिसको इंडिया में मिनी स्विटरलैंड भी कहते हैं और यही वह जगह है। जहां 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने एक प्लांट तरीके से हमला किया और यह जो इंसिडेंट हुआ है, या ऐसा ही नहीं है कि एक आतंकवादी आया और ऐसे ही बस बंदूक उठाई और गोली चला दी इसमें बहुत बड़ी प्लानिंग की गई जिसमें मल्टीप्ल ग्रुप ने वेल कोऑर्डिनेटर स्ट्रैटेजिस और अल्ट्रासेट्स जैसी टेक्नोलॉजी का यूज करके हमला किया है।
कौन है आदिल हुसैन ठोकर ?
तो यह जो बायसरन एरिया है, इसके थोड़ी दूरी पर एक गांव है जिसका नाम है “गुरी” यह गांव ऑफीशियली अनंतनाग जिला के बीजहारा ब्लॉक में पड़ता है और इसी गांव के एक घर में पैदा होता है “आदिल हुसैन ठोकर” जो पहलगाम अटैक का पहला आतंकवादी है। अभी थोड़े दिन पहले इसके घर को तो बम से उड़ा दिया, लेकिन साल 1992 में जब वह पैदा हुआ तो किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि यह पहलगाम जैसे हमला करेगा। जिसकी वजह से दो देशों के बीच में वाॅर जैसी सिचुएशन आ जाएगी।
आईये आदिल हुसैन ठोकर के थोड़ा इतिहास को समझे,
अब आदिल जब बड़ा हो रहा था, तो इसने पहले शाह हमदान पब्लिक स्कूल में एडमिशन लिया। फिर गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल बीच बेहारा से 12वीं क्लास की और साल 2018 आते-आते आनंतनाग में जो रहमत आलम कॉलेज है। वहां से अपना एम. ए कंप्लीट करके टीचिंग करने लगा।
तो साल 2018 तक जब तक या कॉलेज में था तब तक किसी भी एंटी इंडिया एक्टिविटी में इसका नाम नहीं आया था, लेकिन बस एक चीज थी, उस टाइम पर जो सब ने नोटिस की थी कि उस एरिया में जब भी कोई आतंकवादी मारा जाता था, तो उसके जनाजे में जरूर जाता था। ये बाकी किसी और एक्टिविटी में इसका कोई नाम नहीं था। लेकिन अप्रैल 2018 में इसने अपना असली गेम शुरू किया।
आदिल हुसैन ठोकर ने अपराध की दुनिया में कब कदम रखा?
29 अप्रैल 2018 को यह आदिल जो था यह अपने घर वालों से बोलता है, कि मेरा एक एग्जाम है, तो उसके लिए मुझको कश्मीर के बंटगांव जाना पड़ेगा। और वहां एग्जाम देके दोबारा गांव आ जाऊंगा और घर वाले उसकी बात सुनकर उसे भेज देते हैं ।
लेकिन दो से तीन दिन निकल जाते हैं। लेकिन आदिल अपने घर वापस लौट कर नहीं आता बल्कि मैं गायब हो जाता है। और घर वाले बार-बार फोन भी मिलाते हैं। लेकिन इससे बात नहीं होती।
और फिर थक हर के 2 मई 2018 को आदिल ठोकर की जो मां थी। “शहजाद बानो” वह पुलिस स्टेशन में जाकर मिसिंग कंप्लेंट रजिस्टर कर देती है।
अब इधर मिसिंग रिपोर्ट तो रजिस्टर हुई, लेकिन एक्चुअल में आदिल ने पहले से ही पूरी प्लानिंग कर रखी थी। इसने बिना किसी को बताएं सेम मंथ यानी अप्रैल 2018 को पाकिस्तान में एक एप्लीकेशन लगा देता है कि स्टूडेंट वीजा के लिए अप्लाई कर दिया था। हायर स्टडीज के लिए और बहुत ही कम टाइम में यानी सेम मंथ में पाकिस्तान अथॉरिटी जो है वह आदिल ठोकर को स्टूडेंट विजा ग्रैंड भी कर देती है।
और इसी वीजा के विशेष पर आदिल घर में एग्जाम का बहाना बनाकर अटारी बाघा बॉर्डर के रास्ते वैलिड पासपोर्ट और वैलिड स्टूडेंट वीजा के थ्रू मई 2018 में पाकिस्तान पहुंच जाता है।
यह उसकी तस्वीर है उस समय की
इसके बाद आदिल पूरी तरह से आतंक की दुनिया में कदम रख देता है। वह पाकिस्तान पहुंचकर सबसे पहले अपना फोन बंद करता है। अपने घर परिवार दोस्त रिश्तेदार सभी से संपर्क खत्म कर देता है। और वहीं पर ट्रेनिंग करने लगता है।
“हालांकि अभी ऑपरेशन सिंदूर में जो स्ट्राइक्स की गई थी उसमें से सबसे पहले स्ट्राइक यहीं पर की गई थी । जहां इनकी सबकी ट्रेनिंग होती है।”
पहलगाम हमला कब हुआ?
2025 पहलगाम हमला भारतीय प्रशासित जम्मू और कश्मीर में पहलगाम के पास से सशस्त्र आतंकवादियों द्वारा पर्यटकों पर एक आतंकवादी हमला था। जिससे 22 अप्रैल 2025 को 26 नागरिक मारे गए थे।
आतंकवादियों ने मुख्य रूप से हिंदू पर्यटको को निशाना बनाया। हालांकि एक ईसाई पर्यटक और एक स्थानीय मुस्लिम भी मारे गए।
- स्थान – बैसरन घाटी, पहलगाम,अनंतनाग , जिला , जम्मू एंड कश्मीर, भारत
- तिथि – 22अप्रैल 2025
- लक्ष्य – निर्दोष हिंदू को चिन्हित कर गोलीबारी “नरसंहार”
- मृत्यु – 26
- घायल –17
- भागीदार संख्या – 5
पहलगाम हमले में मृतकों की सूची :-
| सांख्या | मृतक का नाम | पिता अभिभावक का नाम | निवास स्थान | लिंग |
| 1. | सुशील नाथ्याल | जैराइद नाथ्याल | इंदौर,मध्य प्रदेश | पुरुष |
| 2. | सैयद आदिल हुसैन शाह | सैयद हैदर शाह | हापतनारतहसीलपहलगाम जम्मू एंड कश्मीर | पुरुष |
| 3. | हेमंत सुहास जोशी | दुरव जोशी | मुंबई(तमी मुंबई )महाराष्ट्र | पुरुष |
| 4. | विनय नरवाल | राजेश नरवाल | करनाल हरियाणा | पुरुष |
| 5. | अतुल श्री कांत मोनी | श्रीराम आचल | डोम्बिवली मुंबई | पुरुष |
| 6. | नीरज उधवानी | प्रदीप कुमार | उत्तराखंड | पुरुष |
| 7. | बिटन अधिकारी | ब्रेवर, अधिकारी | कोलकाता,पश्चिम बंगाल | पुरुष |
| 8. | सुदीप न्यौपाने | कुशलराजन्यौपाने | बुटवल,नेपाल | पुरुष |
| 9. | शुभम दिवेदी | मनोज दिवेदी | कानपुर उत्तर प्रदेश | पुरुष |
| 10. | प्रशांत कुमार सतपथी | बालेश्वर | बालेश्वर ओडिशा | पुरुष |
| 11. | मनीष रंजन (आबकारी निरीक्षक) | मंगलेश के.आर मिश्रा | बिहार | पुरुष |
| 12. | एन.रामचद्रन | नारायण मेमन | कोच्चि मुंबई | पुरुष |
| 13. | संजय लक्ष्य लाली | लक्ष्य लाली | ठाणे मुंबई | पुरुष |
| 14. | दिनेश अग्रवाल | पी सी अग्रवाल | चंडीगढ़ | पुरुष |
| 15. | सुमीर गुहार | शाही गुहार | कोलकाता पश्चिम बंगाल | पुरुष |
| 16. | दिलीप दासली | ———— | पनवेल, मुंबई | पुरुष |
| 17. | जे.सच्चद्रांमोली | ———— | विशाखा पटनम आंध्रप्रदेश | पुरुष |
| 18. | मधुसूदन सोमिसेट्टी | त्रिपुला सोमिसेट्टी | बेंगलुरू कर्नाटक | पुरुष |
| 19. | संतोष जगघा | एकनाथ जगघा | पुणे महाराष्ट्र | पुरुष |
| 20. | मंजू नाथरावं | महाबल्लाराव | कर्नाटक | पुरुष |
| 21. | कस्तूरबा गनवोटाय | ———— | पुणे, महाराष्ट्र | पुरुष |
| 22. | भरत भूषण | चाना विरपा | बेंगलुरू कर्नाटक | पुरुष |
| 23. | सुमित परमार | यतेश परमार | भावनगर गुजरात | पुरुष |
| 24. | रमेश परमार | (सुमित परमार के पिता) | भावनगर गुजरात | पुरुष |
| 25. | तागेहायिंग(वायु सेना कर्मचारी) | ———— | जीरो, अरुणाचल प्रदेश | पुरुष |
| 26. | शैलेष भाईएच.हिम्मंत भाई कलाथिया | ———— | सूरत गुजरात | पुरुष |
कौन था शुभम द्विवेदी ?
“कानपुर के गंगागंज इलाके के रहने वाले शुभम दिवेदी की पहलगाम आतंकी हमले के दौरान मौत हो गई।”
जैसा की 22 अप्रैल 2025 दिन मंगलवार को पहलगाम हमले के बीच काफी लोगों की मृत्यु हो गई थी। जिसके बीच एक 30 वर्षीय युवक जिसका नाम शुभम द्विवेदी था। वह कानपुर उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे, उनकी भी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
बताया जाता है कि शुभम द्विवेदी की शादी 2 माह पहले 12 फरवरी को हुई थी। वह अपने परिवार के साथ पहलगाम घूमने गए थे। उनके साथ उनकी पत्नी, माता-पिता, बहन, बहनोई , और ससुराल की कुछ रिश्तेदार शामिल थे।
सुभम और उनकी पत्नी पहलगाम से 5 km ऊपर घोड़ चढ़ाई कर के बायशर मैदान घूमने के लिए गए थे । जिसके बीच आतंकी हमला हुआ और शुभम द्विवेदी को उनकी पत्नी के सामने गोली मार दिया। जिसके बाद सुभम की पत्नी ने आतंकी से कहा की मुझे भी मार दो। लेकिन आतंकी ने इंकार करते हुए कहा -“हम तुम्हे नही मारेंगे तुम जाके अपने सरकार को बताना”
क्या काम करते थे शुभम द्विवेदी?
शुभम द्विवेदी और उनके परिवार चकेरी थाना क्षेत्र के श्याम नगर स्थित ड्रीमलैंड अपार्टमेंट में रहते थे। शुभम का परिवार तीन पीढ़ियों से सीमेंट का कारोबार करता था। तीसरी पीढ़ी का काम शुभम के हाथों में था। शुभम ने दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई सनीगावं गुरुहर राय स्कूल से की थी। इसके बाद उन्होंने एमबीए किया था। सीमेंट के काम का पूरा भार अब शुभम के कंधों पर था। वह अपने परिवार का इकलौता चिराग था। जो अब वह नहीं रहा।