आप तीसरा टर्म भी ट्राई करेंगे? CM योगी का जवाब ही है BJP की रणनीति, अखिलेश-राहुल सोच भी नहीं सकते, जानिए कैसे

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आप तीसरा टर्म भी ट्राई करेंगे? CM योगी का जवाब ही है BJP की रणनीति, अखिलेश-राहुल सोच भी नहीं सकते, जानिए कैसे


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CM Yogi Adityanath News: उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव है. अब सवाल है कि क्या सीएम योगी तीसरा टर्म कर पाएंगे? इसका जवाब खुद सीएम योगी ने दिया है. सीएम योगी ने तीसरे टर्म पर कहा कि यह पार्टी पर निर्भर…और पढ़ें

सीएम योगी का तीसरा टर्म: भाजपा की रणनीति का खुलासा.

हाइलाइट्स

  • सीएम योगी ने तीसरे टर्म पर कहा कि यह पार्टी पर निर्भर है.
  • भाजपा की रणनीति अन्य दलों से अलग और अनुशासन पर आधारित है.
  • भाजपा चुनाव से पहले सीएम फेस घोषित नहीं करती.

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं. संभल का मुद्दा हो या मथुरा का मसला.. बिना लाग लपेट के वह दिल की बात कह देते हैं. संभल पर सियासत के बीच सीएम योगी ने बुधवार को न्यूज एजेंसी एएनआई को पॉडकास्ट इंटरव्यू दिया. इस पॉडकास्ट में सीएम योगी से थर्ड टर्म को लेकर एक सवाल पूछा गया. इसका जवाब उन्होंने जो दिया, वही भाजपा की रणनीति का हिस्सा है. सीएम योगी के जवाब से साफ पता चलता है कि कैसे भाजपा अखिलेश की सपा और राहुल की कांग्रेस से अलग सोचती है. अव्वल तो यही बात भाजपा को अन्य दलों से अलग करती है. तभी तो आज देशभर में भाजपा का सितारा बुलंद है.

दरअसल, एएनआई के पॉडकास्ट में सीएम योगी से थर्ड टर्म से जुड़ा एक सवाल पूछा गया. क्या आप तीसरा टर्म भी ट्राई करेंगे, क्या आपकी नजर हैट्रिक पर है? इस पर सीएम योगी ने बहुत साफगोई तरीके से जवाब दिया. उन्होंने कहा कि वह खुद इसकी कोशिश नहीं करेंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीसरी बार सीएम बनने के सवाल पर मैं कहना चाहता हूं कि मैं कोशिश नहीं करूंगा. यह मेरी पार्टी पर निर्भर है. मेरी पार्टी कोशिश करेगी और फैसला लेगी.

योगी का जवाब और भाजपा की रणनीति
अब आपके मन में सवाल होगा कि सीएम योगी के जवाब का भाजपा की रणनीति से क्या मतलब? तो जनाब मतलब है. यही बात तो भाजपा को अन्य पार्टियों से अलग और खास बनाती है. चुनाव से पहले ही कमोबेश हर दल में यह तय रहता है कि जीत मिलने के बाद सीएम कौन बनेगा? चाहे समाजवादी पार्टी हो या राजद या कांग्रेस. यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा की जीत होती है तो यह सबको पता है कि सीएम तो अखिलेश ही बनेंगे. इस साल बिहार में राजद की जीत हुई तो मुख्यमंत्री तेजस्वी ही बनेंगे. किसी राज्य में कांग्रेस की जीत होती है तो ज्यादातर मामलों में पहले से डिसाइड होता है कि कांग्रेस का सीएम कौन होगा? मगर भाजपा में शायद ही ऐसा दिखता है.

सरप्राइज करने वाली पार्टी यूं ही नहीं भाजपा
भाजपा सस्पेंस वाली पार्टी है. भाजपा अंत-अंत तक सरप्राइज करती है. वह अपने पत्ते नहीं खोलती. कारण कि भाजपा कैडर बेस्ड पार्टी है. कैडर के बल पर ही भाजपा आज देश में हर जगह छाई हुई है. भाजपा किसी भी राज्य में जल्दी सीएम फेस वाला पत्ता नहीं खोलती. इसकी वजह है कि वह अंदरुनी कलह से बचना चाहती है. इसके अलावा, वह यह संदेश देना चाहती है कि बूथ लेवल का कार्यकर्ता भी उसके लिए उतना ही महत्व रखता है, जितना कोई कद्दावर नेता. पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि भाजपा में कोई भी कार्यकर्ता सीएम बन सकता है. इस रणनीति के कई फायदे हैं.

  • एक तो कार्यकर्ताओं का मनोबल हाई रहता है.
  • किसी तरह की गुटबाजी नहीं हो पाती है.
  • किसकी किस्मत चमक जाए, कोई नहीं जानता.
  • पार्टी कार्यकर्ता मजबूती से चुनाव लड़ पाते हैं.
  • सीएम फेस न डिक्लेयर करने से अन्य लोगों की नाराजगी से पार्टी बच जाती है.
  • भाजपा यह संदेश देती है कि काम करो, किसका सितारा बुलंद हो जाए कोई नहीं जानता.
  • इस वजह से पार्टी का हर कार्यकर्ता खूब मेहनत करता है.

जवाब के मायने समझिए
यही वजह है कि सीएम योगी ने जो जवाब दिया, उसके बहुत मायने हैं. सीएम योगी की लोकप्रियता अभी सातवें आसमान पर है. चाहते तो थर्ड टर्म के लिए खुद को सीएम फेस घोषित कर सकते थे. मगर भाजपा को अनुशासन वाली पार्टी के मामले में अव्वल माना जाता है. यही वजह है कि सीएम योगी ने वही जवाब दिया, जो भाजपा की रणनीति और अनुशासन में फिट बैठता है. बहरहाल, 2027 में यूपी में विधानसभा चुनाव है. देखने वाली बात होगी कि भाजपा की जीत होगी या सपा की. अगर भाजपा हैट्रिक मारती है तो सीएम योगी का तीसरा टर्म होगा या नहीं, यह भी बड़ा सवाल रहेगा?

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