‘इंटरव्यू तक पहुंचने से पहले खराब हो जाते हैं कपड़े’, ग्रेटर नोएडा में ये कैसी आफत?

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‘इंटरव्यू तक पहुंचने से पहले खराब हो जाते हैं कपड़े’, ग्रेटर नोएडा में ये कैसी आफत?


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Greater Noida ki local news : ग्रेटर नोएडा का नॉलेज पार्क-3 में टूटी-फूटी सड़कों, धूल, गंदगी और बारिश के दौरान कीचड़ की समस्या ने उनका जीवन मुश्किल बना दिया है. लोकल 18 ने इस बारे में यहां के छात्रों से बात की. छात्र सूर्यांश प्रताप सिंह बताते हैं कि सड़क पर फैली धूल और कीचड़ किसी आफत से कम नहीं. राहुल बताते हैं कि नॉलेज पार्क-3 की सड़कों की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है. सड़क पर इतनी धूल उड़ती है कि अगर कोई ट्रक या भारी वाहन गुजर जाए तो आसपास खड़े लोग धूल से भर जाते हैं. छात्रा मुस्कान चौबे कहती हैं कि अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकला.

ग्रेटर नोएडा. शिक्षा और तकनीकी संस्थानों के लिए प्रसिद्ध ग्रेटर नोएडा का नॉलेज पार्क-3 क्षेत्र इन दिनों अपनी बदहाल सड़कों के कारण चर्चा में है. यहां रहने वाले हजारों छात्रों का कहना है कि टूटी-फूटी सड़कों, धूल, गंदगी और बारिश के दौरान कीचड़ की समस्या ने उनका जीवन मुश्किल बना दिया है. छात्रों का आरोप है कि क्षेत्र की सड़कों की हालत इतनी खराब है कि इंटरव्यू या किसी महत्वपूर्ण काम के लिए निकलने से पहले ही उनके कपड़े खराब हो जाते हैं. स्थानीय छात्र सूर्यांश प्रताप सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि इस समय विभिन्न कंपनियों के कैंपस प्लेसमेंट और इंटरव्यू चल रहे हैं. ऐसे में छात्रों को अच्छी तरह तैयार होकर इंटरव्यू के लिए जाना पड़ता है, लेकिन सड़क पर फैली धूल और कीचड़ उनकी मेहनत पर पानी फेर देती है.

लंबे समय से खराब

सूर्यांश कहते हैं कि कई बार ऐसा होता है कि सड़क से गुजरते समय किसी वाहन के निकलने पर कीचड़ कपड़ों पर पड़ जाता है और इंटरव्यू स्थल तक पहुंचने से पहले ही कपड़े खराब हो जाते हैं. इससे छात्रों का आत्मविश्वास भी प्रभावित होता है. राहुल बताते हैं कि नॉलेज पार्क-3 की सड़कों की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है. रात के समय यदि हल्की बारिश हो जाए या कहीं पानी भर जाए तो पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है. जगह-जगह गड्ढे और टूटी सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं. कई बार छात्र और स्थानीय निवासी फिसलकर चोटिल भी हो जाते हैं.

छात्र सैयद ने बताया कि नॉलेज पार्क-3 मुख्य रूप से छात्रों का क्षेत्र माना जाता है, जहां विभिन्न कॉलेजों और संस्थानों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थी रहते हैं. इसके बावजूद यहां की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है. सड़क पर इतनी धूल उड़ती है कि यदि कोई ट्रक या भारी वाहन गुजर जाए तो आसपास खड़े लोग धूल से भर जाते हैं. धूल के कारण सांस संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ रहा है और लोगों को रोजाना असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. छात्रा मुस्कान चौबे ने कहा कि बारिश के दौरान सड़कें कीचड़ में बदल जाती हैं और कई स्थानों पर पानी जमा हो जाता है. इससे मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है. अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकला है.

जगह-जगह आफत

छात्रा आयुषी ने भी सड़कों की बदहाली पर नाराजगी जताई. उन्होंने बताया कि जगह-जगह सड़कें टूटी हुई हैं, जिससे पैदल चलना और वाहन चलाना दोनों ही मुश्किल हो गया है. बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब पूरी सड़क कीचड़ से भर जाती है और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. आर्यन चौधरी ने कहा कि नॉलेज पार्क-3 में बड़ी संख्या में युवा अपने भविष्य को संवारने के लिए पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है. उन्होंने संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र की सड़कों की जल्द मरम्मत कराई जाए, जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्रों और स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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