एक सीजन में लाखों कमाने का मौका, स्ट्रॉबेरी की खेती पर यूपी सरकार दे रही बंपर सब्सिडी
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Strawberry Farming: धान और गेहूं जैसी पारंपरिक खेती से अलग अब किसान ऐसी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं, जिनसे कम समय में बेहतर आमदनी हासिल की जा सके. इन्हीं में शामिल है स्ट्रॉबेरी की खेती, जो किसानों के लिए मुनाफे का नया विकल्प बन रही है. खास बात यह है कि इस खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से किसानों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है. अमेठी में स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है और किसानों को लागत कम करने के लिए 50 फीसदी तक अनुदान का लाभ मिलेगा. सही तकनीक और योजना का लाभ लेकर किसान एक सीजन में अच्छी कमाई कर सकते हैं.
अमेठी: धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों की खेती करने वाले किसान अब अपनी आय बढ़ाने के लिए नई फसलों की ओर बढ़ रहे हैं. कम समय में अच्छा मुनाफा देने वाली स्ट्रॉबेरी की खेती किसानों के लिए बेहतर विकल्प बन सकती है. खास बात यह है कि इस खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से किसानों को अनुदान भी दिया जा रहा है, जिससे खेती की लागत कम हो जाती है.
अमेठी में स्ट्रॉबेरी की खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग ने किसानों का पंजीकरण शुरू कर दिया है. सितंबर महीने से स्ट्रॉबेरी की रोपाई शुरू होने की संभावना है, ऐसे में अगस्त माह में ही किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करना होगा. स्ट्रॉबेरी की खेती पर किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा.
ऐसे मिलेगा योजना का लाभ
जिले का उद्यान विभाग किसानों को स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए लगातार जागरूक कर रहा है. विभाग की ओर से किसानों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. योजना का लाभ पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा. प्रभारी उद्यान निरीक्षक अमेठी प्रमोद कुमार यादव ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि किसानों को स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए जानकारी दी जा रही है. इस खेती में कम लागत में अच्छी कमाई की संभावना है. उन्होंने बताया कि किसान इस योजना का लाभ लेकर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं.
खर्च की आधी लागत देगी सरकार
प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि स्ट्रॉबेरी की खेती में एक हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 1.25 लाख रुपये तक का खर्च आता है. इसमें सरकार की ओर से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. यानी किसानों को खेती की लागत का केवल आधा हिस्सा ही लगाना होगा. उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी की मांग बाजार में बनी रहती है और सही तकनीक से खेती करने पर किसान एक सीजन में अच्छी कमाई कर सकते हैं. विभाग की ओर से किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी और जरूरत पड़ने पर सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी.
सितंबर से शुरू होगी रोपाई
स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए सितंबर माह का समय उपयुक्त माना जाता है. किसान समय पर पंजीकरण कराकर इस योजना का लाभ ले सकते हैं. उद्यान विभाग का उद्देश्य है कि किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ ऐसी फसलों को भी अपनाएं, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो सके.
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Seema Nath is a digital journalist and content creator with 6 years of experience in journalism, including ground reporting, regional news coverage and feature writing. She currently works as a Content Producer…
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