एक सेवादार ध्रुवेश जैसा भी, हीरे जड़ी सोने की चेन लौटाया, पाकर गदगद हुई महिला
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Ram Mandir Sevadar News: रामनगरी अयोध्या से इंसानियत और ईमानदारी की एक दिल छू लेने वाली मिसाल सामने आई है. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में तैनात सेवादार ध्रुवेश मिश्रा ने करीब 20 लाख रुपये की कीमत वाली हीरे जड़ी सोने की चेन एक महिला श्रद्धालु को सकुशल लौटा दी. मुजफ्फरनगर की रहने वाली निर्मला देवी की यह कीमती चेन अमावा मंदिर के पास गिर गई थी. यह महज एक आभूषण नहीं, बल्कि उनके दिवंगत पति की आखिरी निशानी थी. खोई हुई चेन वापस पाकर महिला की आंखों से आंसू छलक पड़े और उन्होंने भावुक होकर सेवादार व प्रशासन को ढेरों आशीर्वाद दिया.
राम मंदिर में महिला को वापस मिला खोई हुई 20 लाख की सोने की चेन.
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रतिदिन देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. भगवान राम की इस पावन नगरी में न सिर्फ असीम आस्था देखने को मिलती है, बल्कि इंसानियत की भी अनोखी मिसालें सामने आती रहती हैं. ताजा मामला राम जन्मभूमि परिसर का है, जहां एक सेवादार ने ईमानदारी की ऐसी नजीर पेश की है जिसकी हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है.
जानकारी के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में अपनी सेवाएं दे रहे सेवादार ध्रुवेश मिश्रा को अमावा राम मंदिर के ठीक सामने एक बेहद कीमती हीरे जड़ी सोने की चेन पड़ी हुई मिली. इस शानदार चेन की कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी जा रही है. इतनी मूल्यवान वस्तु मिलने के बावजूद ध्रुवेश का ईमान रत्ती भर भी नहीं डगमगाया और उन्होंने बिना देरी किए इसे इसके असली मालिक तक सुरक्षित पहुंचाने की ठानी.
पुलिस की मौजूदगी में सौंपी निशानी
यह बहुमूल्य चेन मुजफ्फरनगर के गंगाराम पुरा से रामलला के दर्शन करने आई बुजुर्ग महिला श्रद्धालु निर्मला देवी की थी. भीड़भाड़ में चेन गिरने के बाद महिला बेहद परेशान थीं. इसके बाद राम जन्मभूमि के पीएफसी (PFC) लॉस्ट एंड फाउंड ऑफिस से बाकायदा मुनादी (घोषणा) कराई गई. मुनादी सुनकर जब महिला खोया-पाया केंद्र पहुंचीं, तो पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में पूरी लिखा-पढ़ी के साथ वह 20 लाख की चेन उन्हें सकुशल सौंप दी गई.
पति की आखिरी निशानी पाकर छलके आंसू
जब निर्मला देवी को उनकी वह हीरे जड़ी चेन वापस मिली, तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. दरअसल, यह सोने की चेन उनके लिए केवल एक महंगा आभूषण नहीं थी, बल्कि उनके दिवंगत पति मोहन कुमार की दी हुई अंतिम निशानी थी, जिससे उनकी गहरी भावनाएं और स्मृतियां जुड़ी हुई थीं. अपने पति की आखिरी निशानी को सुरक्षित वापस पाकर वह बेहद भावुक हो गईं और उन्होंने रोते हुए सेवादार ध्रुवेश मिश्रा के सिर पर हाथ रखकर उन्हें ढेरों आशीर्वाद दिया.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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