किसान इस खेती से बन गया मालामाल! सिर्फ 45 दिनों में हो रही तैयार, लागत से 15 गुना अधिक दे रही मुनाफा

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किसान इस खेती से बन गया मालामाल! सिर्फ 45 दिनों में हो रही तैयार, लागत से 15 गुना अधिक दे रही मुनाफा


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Agriculture News: बाराबंकी के शेखर यादव ने भिंडी की खेती से 70-80 हजार रुपये मुनाफा कमाया. भिंडी की खेती कम लागत में अधिक उपज देती है और इसे किसी भी मौसम में उगाया जा सकता है.

Agriculture News: वैसे हमारे यहां के  किसान अब मोटे अनाजों के साथ-साथ विभिन्न सब्जियों की खेती की ओर रुख कर रहे हैं. इनमें भिंडी की खेती विशेष रूप से लाभदायक साबित हो रही है. भिंडी की खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे किसी भी मौसम में उगाया जा सकता है. बाजार में भिंडी की लगातार मांग बनी रहती है. इस कारण किसानों को अच्छे दाम मिलते हैं. भिंडी की खेती की एक और खास बात यह है कि इसे सभी प्रकार की जल निकासी  वाली भूमि में उगाया जा सकता है. कम लागत में अधिक उपज मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होती है.

बाराबंकी जिले के सहेलियां गांव के रहने वाले युवा किसान शेखर यादव ने पारंपरिक खेती के साथ-साथ सब्जियो की खेती की शुरुआत की जिसमें अच्छा मुनाफा देखने को मिला. आज वह  करीब 2 बीघे मे भिंडी की खेती कर एक फसल पर 70 से 80 हजार रुपये मुनाफा कमा रहे हैं.

भिंडी की खेती करने वाले युवा किसान शेखर यादव ने लोकल 18 से बातचीत में  बताया कि ज्यादातर हम सब्जियों की खेती करते हैं. जिसमें शिमला मिर्च, कद्दू, करेला, लौकी, टमाटर, भिंडी आदि फसल होती है.  इस समय हमारे पास करीब दो बीघे में भिंडी लगी हुई है. जिसमें लागत करीब एक बीघे में 5 से 6 हजार रुपये आती है और मुनाफा करीब 70 से 80 हजार रुपए तक हो जाता है. क्योंकि इस समय हमारी जो भिंडी है निकल रही है और अच्छे रेट मे जा भी रही है. इस फसल की खास बात यह है इसमें लागत बेहद कम है और मुनाफा कहीं अधिक है. क्योंकि भिंडी वह सब्जी है, जिसकी मांग हमेशा रहती है. इसकी खेती में विशेष तकनीक की जरूरत नहीं होती है.

भिंडी की खेती करना बहुत ही आसान है. पहले हम खेत की दो बार गहरी जुताई करते हैं उसके बाद खेत  मे मेड बनाकर उस पर भिंडी क़े बीजो की बुवाई खुरपियों के द्वारा लाइन से की जाती है जिससे फसल में खरपतवार कम होता है और सब्जियों का उत्पादन भी कही अधिक होता है इस विधि से करने से एक तो खाद व कीटनाशक दवाइयां का छिड़काव करने में आसानी होती है और फसल को तोड़ने में भी समय की बचत होती है वही इसकी बुवाई करने के बाद 40 से 45 दिनों में फसल निकलना शुरू हो जाती है

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Lalit Bhatt

मीडिया फील्ड में एक दशक से अधिक से सक्रिय. वर्तमान में News18 हिंदी में कार्यरत. 2010 से नई दुनिया अखबार से पत्रकारिता की शुरुआत की.फिर हिंदुस्तान, ईटीवी भारत, वेबदुनिया समेत कई जगहों पर रिपोर्टिंग और डेस्क मे…और पढ़ें

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