कोई 140, कोई 180… पहले ही दिन कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दिखा रफ्तार का खेल

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कोई 140, कोई 180… पहले ही दिन कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दिखा रफ्तार का खेल


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Kanpur News: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की शुरुआत हो चुकी है. लोकल-18 की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुंची और एक्सप्रेसवे पर सफर किया, तो वहां कई वाहन निर्धारित गति सीमा से कहीं ज्यादा रफ्तार में दौड़ते नजर आए.

कानपुर: कानपुर और लखनऊ के बीच सफर को आसान और तेज बनाने वाला कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे सोमवार से आम लोगों के लिए खोल दिया गया. पहले ही दिन इस एक्सप्रेसवे पर लोगों का उत्साह साफ दिखाई दिया, लेकिन कई वाहन चालकों ने इस उत्साह को रफ्तार के खेल में बदल दिया. लोकल-18 की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुंची और एक्सप्रेसवे पर सफर किया, तो वहां कई वाहन निर्धारित गति सीमा से कहीं ज्यादा रफ्तार में दौड़ते नजर आए.

कई वाहन निकले बहुत आगे
एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान हमारी गाड़ी की औसत रफ्तार करीब 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जो तय गति सीमा के भीतर थी. सड़क बेहद शानदार और सफर काफी स्मूथ था. लेकिन इसी दौरान कई वाहन चालक अपनी कारों को तेज रफ्तार में दौड़ाते दिखाई दिए. ऐसा लग रहा था जैसे कुछ लोगों के लिए यह एक्सप्रेसवे नहीं, बल्कि स्पीड टेस्ट ट्रैक बन गया हो.

कोई 140, तो कोई 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार
ग्राउंड पर मौजूद रहने के दौरान जब मोबाइल एप्स और स्पीड ट्रैकिंग के जरिए आसपास चल रहे वाहनों की गति देखी गई, तो कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए. कुछ कारें 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थीं. कई वाहन 160 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पर दिखाई दिए, जबकि कुछ गाड़ियां 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार पकड़ चुकी थीं.

इतना ही नहीं, कई ट्रक और अन्य कमर्शियल वाहन भी 120 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति में चलते दिखाई दिए. विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे की चौड़ी और बेहतर सड़कें अक्सर वाहन चालकों को तेज रफ्तार के लिए आकर्षित करती हैं, लेकिन यही तेज रफ्तार हादसों की सबसे बड़ी वजह भी बनती है. कुछ मिनट जल्दी पहुंचने की जल्दबाजी कई बार जिंदगी भर का नुकसान बन जाती है.

आखिर एक्सप्रेसवे पर कितनी है तय गति सीमा?
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों जैसे कार और एसयूवी के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है. वहीं कमर्शियल और भारी वाहनों के लिए यह सीमा 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है. इसके बावजूद पहले ही दिन कई वाहन चालक तय सीमा से काफी ऊपर गाड़ियां दौड़ाते नजर आए. एक्सप्रेसवे पर लगे एआई कैमरे और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान प्रणाली ऐसे वाहनों पर लगातार नजर रख रही है और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है.

क्या बाइक, ई-रिक्शा और ऑटो नहीं चल सकेंगे?
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोपहिया और तीन पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है. इसका मतलब है कि बाइक, स्कूटी, ई-रिक्शा, ऑटो, साइकिल और अन्य धीमी गति वाले वाहन इस एक्सप्रेसवे पर सफर नहीं कर सकेंगे. इन वाहनों को पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करना होगा.

यह फैसला तेज रफ्तार वाहनों के बीच छोटे और धीमे वाहनों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है. कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे ने दोनों शहरों के बीच दूरी जरूर कम कर दी है, लेकिन इस नई सड़क पर सुरक्षित सफर की जिम्मेदारी अब वाहन चालकों की भी है. अगर रफ्तार पर नियंत्रण नहीं रखा गया, तो यह एक्सप्रेसवे सुविधा के साथ-साथ खतरे का कारण भी बन सकता है.

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आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…और पढ़ें



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