कौन हैं वो दो तेज-तर्रार IPS अफसर? जिनको SC के कहने पर नई SIT में लाया गया

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कौन हैं वो दो तेज-तर्रार IPS अफसर? जिनको SC के कहने पर नई SIT में लाया गया


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Ram Mandir Daan Chori News SIT: राम मंदिर दान चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एक नई एसआईटी का गठन किया है. पुरानी एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद, अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नई टीम इस मामले की नए सिरे से जांच करेगी. इस नई एसआईटी का नेतृत्व लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस. करेंगे. वहीं, जांच में उनकी मदद के लिए यूपी पुलिस के दो तेज-तर्रार आईपीएस अफसरों- अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन वर्मा और अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को इस टीम का अहम सदस्य बनाया गया है.

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राम मंदिर दान चोरी की जांच करने के लिए नई एसआईटी की गठन की गई.

अयोध्या: राम जन्मभूमि मंदिर में दान चोरी का हाई-प्रोफाइल मामला अब सीधे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में आ गया है. शीर्ष अदालत की सिफारिश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की तह तक जाने के लिए एक नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है. इस नई टीम की कमान पुरानी टीम के अध्यक्ष और लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस. को ही सौंपी गई है. चूंकि मामले की समानांतर जांच अयोध्या पुलिस भी कर रही है, इसलिए आईजी किरण का साथ देने के लिए यूपी पुलिस के दो बेहद काबिल अधिकारियों को एसआईटी में शामिल किया गया है.

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी. यूपी सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि पुरानी एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए अयोध्या पुलिस अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. इस पर सीजेआई ने सरकार से पूछा कि क्या वह जांच के लिए नई टीम गठित करने पर विचार कर सकती है? राज्य सरकार की सकारात्मक सहमति के बाद कोर्ट ने अधिकारियों के नाम तय करने का आदेश दिया था.

नई एसआईटी में शामिल दो धाकड़ IPS अफसर कौन हैं?

ये दोनों तेज-तर्रार अफसर आईजी किरण एस. के साथ मिलकर राम मंदिर दान चोरी मामले की बारीकी से जांच करेंगे और पूरी सच्चाई अदालत के सामने लाएंगे-

डीआईजी सोमेन वर्मा
एसआईटी के नए सदस्य सोमेन वर्मा 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. पश्चिम बंगाल के मूल निवासी सोमेन की प्रारंभिक पढ़ाई असम में हुई, जहां से उन्होंने बीटेक (B.Tech) की डिग्री हासिल की. आईपीएस बनने से पहले वह ऊर्जा मंत्रालय में भारतीय इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी के रूप में कार्यरत थे. अपनी तकनीकी शिक्षा और शानदार प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें पुलिस विभाग में एक आधुनिक सोच वाले अफसर के रूप में देखा जाता है. मिर्जापुर के एसपी और सुल्तानपुर में अपनी सेवाएं देने वाले सोमेन वर्मा अपराधियों के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के लिए जाने जाते हैं.

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर
2013 बैच के आईपीएस अफसर डॉ. गौरव ग्रोवर मूल रूप से पंजाब के बठिंडा के रहने वाले हैं. आईपीएस सेवा में आने से पहले उन्होंने एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री हासिल की थी. वह साल 2022 से 2025 तक गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रह चुके हैं. उनकी उत्कृष्ट पुलिसिंग सेवाओं के लिए उन्हें 2020 में सिल्वर, 2022 में गोल्ड और 2024 में प्लेटिनम डिस्क से सम्मानित किया जा चुका है. यही नहीं, जून 2026 में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र त्रिवेदी द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया था.

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Deep Raj DeepakSub-Editor

Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …

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