क्राइम सीन से लेकर लैब तक.. इस कोर्स की रहती है डिमांड, मेरठ कॉलेज में एडमिशन शुरू
Last Updated:
Forensic Science Course in Meerut: मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उन युवाओं के लिए अच्छी खबर है जो 12वीं के बाद एक ऐसे करियर की तलाश में हैं, जहां पैसा और रुतबा दोनों मिले. ऐसे में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) का ‘बीएससी फॉरेंसिक साइंस’ कोर्स भविष्य संवारने के लिए एक शानदार मौका साबित हो सकता है. आजकल क्राइम इन्वेस्टिगेशन में टेक्नोलॉजी बढ़ रही है, उसे देखते हुए फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मांग सरकारी और प्राइवेट, दोनों सेक्टर में तेजी से बढ़ी है. इसलिए ये कोर्स आपके लिए शानदार साबित हो सकता है.
मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ और आसपास के जिलों के जो युवा हाल ही में इंटर पास कर चुके हैं और अब स्नातक के लिए किसी बेहतरीन कोर्स की तलाश में हैं, उनके लिए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय का ‘फॉरेंसिक डिपार्टमेंट’ एक बड़ा अवसर लेकर आया है. यहां संचालित बीएससी फॉरेंसिक साइंस कोर्स युवाओं के भविष्य के लिए काफी अच्छा साबित हो सकता है. इस कोर्स को करने के बाद सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में नौकरी की ढेरों संभावनाएं मिलती हैं.
प्रोफेसर बिंदु शर्मा ने बताया कि फॉरेंसिक साइंस में बीएससी करने वाले युवाओं के लिए करियर के रास्ते बहुत हैं. आज के समय में अपराध की गुत्थियों को सुलझाने में फॉरेंसिक जांच की भूमिका सबसे अहम हो गई है. यही वजह है कि फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की डिमांड लगातार बढ़ रही है. जो भी छात्र इस फील्ड में जाना चाहते हैं, वे विश्वविद्यालय परिसर में इस कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं. खास बात यह है कि पूरे पश्चिमी यूपी में सिर्फ इसी यूनिवर्सिटी कैंपस में यह कोर्स चलाया जा रहा है. यहां छात्रों को सरकार द्वारा तय की गई फीस पर ही वर्ल्ड क्लास शिक्षा दी जा रही है.
यह भी पढ़ें: मेरठ में युवाओं के लिए सुनहरा मौका! मोबाइल रिपेयरिंग कोर्स के साथ शुरू करें बिजनेस, ट्रेनिंग से लेकर सर्टिफिकेट तक सब कुछ फ्री
सिर्फ 30 सीटों पर होगा एडमिशन
यहां एडमिशन की प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट पर आधारित है. एडमिशन के लिए छात्रों को ‘समर्थ पोर्टल’ के माध्यम से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद यूनिवर्सिटी एक मेरिट लिस्ट जारी करेगी, जिसके आधार पर छात्रों का चयन किया जाएगा. यूनिवर्सिटी में इस कोर्स के लिए कुल 30 सीटें तय की गई हैं. फीस की बात करें तो यह 37,500 रुपये प्रति वर्ष रखी गई है. इस फीस में छात्रों को आधुनिक लैब और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे प्रोफेशनल एक्सपर्ट बन सकें.
लाखों का मिलता है पैकेज
फॉरेंसिक के क्षेत्र में आजकल युवाओं के लिए अवसरों की कमी नहीं है. उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार, दोनों ही फॉरेंसिक लैब को आधुनिक बनाने पर विशेष ध्यान दे रही हैं. समय-समय पर सरकारी लैब में वैकेंसी निकलती रहती हैं, जहां युवा लाखों रुपये के पैकेज पर नौकरी पा सकते हैं. यूपी में मेरठ के अलावा झांसी यूनिवर्सिटी और लखनऊ में भी इंटीग्रेटेड तरीके से यह कोर्स संचालित किया जा रहा है.
About the Author
सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें