गन्ना किसानों के लिए अलर्ट! बारिश और तेज हवाओं के बीच ये छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी

0
गन्ना किसानों के लिए अलर्ट! बारिश और तेज हवाओं के बीच ये छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी


होमताजा खबरकृषि

गन्ना किसानों के लिए अलर्ट! छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी, जानें उपाय

Last Updated:

Sugarcane Crop Care Tips: मानसून के दस्तक देते ही जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं. खासकर गन्ने की फसल के लिए यह मानसूनी बारिश एक नया जीवन लेकर आई है. हालांकि, कृषि एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह मौसम गन्ने की फसल के लिए जितना फायदेमंद है, उतना ही नाजुक और संवेदनशील भी है. इस समय की गई जरा सी भी लापरवाही किसानों की महीनों की मेहनत को बर्बाद कर सकती है. आइए शाहजहांपुर के प्रगतिशील किसान रनजोद सिंह से जानते हैं कि इस मौसम में गन्ने की बंपर पैदावार के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

शाहजहांपुर: देशभर में मानसून के आगमन से एक ओर जहां झुलसती गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं. विशेषकर गन्ने की फसल के लिए यह बारिश एक नया जीवन लेकर आई है. हालांकि, कृषि एक्सपर्ट का कहना है कि यह मौसम गन्ने की फसल के लिए जितना फायदेमंद है, उतना ही संवेदनशील भी है. इस समय जरा सी लापरवाही किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकती है. भारी बारिश और तेज हवाओं के इस दौर में गन्ने की फसल को विशेष देखरेख, जल निकासी और रोगों से सुरक्षा की सख्त जरूरत है.

प्रगतिशील युवा किसान रनजोद सिंह ने बताया कि मानसून के दौरान गन्ने के खेतों में जलभराव सबसे बड़ी समस्या बनता है. जड़ों में पानी रुकने से फसल पीली पड़ने लगती है और विकास रुक जाता है. किसानों को तुरंत खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए. इसके अलावा, मानसून में तेज हवाएं चलती हैं, जिससे भारी हो चुकी गन्ने की फसल गिरने का डर रहता है. फसल को सहारा देने के लिए समय पर गन्ने की बंधाई का काम पूरा कर लें. साथ ही, नमी के कारण इस मौसम में कीट और फंगस जनित रोगों का प्रकोप तेजी से बढ़ता है, इसलिए लगातार निगरानी रखें.

जल निकासी का उचित प्रबंधन है जरूरी 
मानसून की भारी बारिश गन्ने की फसल को संजीवनी तो देती है, लेकिन अगर खेतों में पानी जमा हो जाए, तो यह नुकसानदेह साबित होता है. जलभराव के कारण गन्ने की जड़ों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे फसल की बढ़वार रुक जाती है. इसलिए, किसानों को अपने खेतों के चारों ओर निकास नालियां साफ रखनी चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी तुरंत बाहर निकल सके.

फसल को गिरने से बचाने के लिए बंधाई
इस मौसम में गन्ने की लंबाई तेजी से बढ़ती है, जिससे पौधे भारी हो जाते हैं. मानसून के साथ चलने वाली तेज हवाओं के कारण फसलों के गिरने की पूरी आशंका रहती है. गिरी हुई फसल में चूहे और कीट आसानी से हमला करते हैं और पैदावार घट जाती है. इससे बचने के लिए गन्ने की दो से तीन लाइनों को आपस में मिलाकर मजबूत बंधाई अवश्य करें.

कीट और रोगों से सतर्कता
नमी और उमस भरा यह मौसम गन्ने में लगने वाले प्रमुख कीटों, जैसे पायरिला और टॉप बोरर के पनपने के लिए अनुकूल होता है. इसके अलावा रेड रॉट यानी गन्ने का कैंसर जैसी फंगस जनित बीमारियां भी इस समय तेजी से फैलती हैं. ऐसे में किसान नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करें और शुरुआती लक्षण दिखते ही उचित कदम उठाएं.

कीटनाशकों का सही उपयोग करें 
अगर फसल पर किसी कीट या रोग का प्रकोप दिखाई दे, तो कृषि एक्सपर्ट की सलाह पर तुरंत सही कीटनाशक या फफूंदनाशक का छिड़काव करें. ध्यान रखें कि छिड़काव हमेशा मौसम साफ होने पर या धूप निकलने पर ही करें, ताकि दवा बारिश के पानी में धुल न जाए. सही समय पर किया गया उपचार फसल को सुरक्षित रखकर बंपर पैदावार सुनिश्चित करता है.

About the Author

Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *