गोंडा में कहां से आई ₹10000000 की नकली दवाइयां? कहीं आपने भी तो खरीदकर नहीं खा ली
Last Updated:
Gonda News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां प्रशासन, औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 1 करोड़ 13 लाख रुपये की नकली और प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद की हैं. बिना लाइसेंस चल रहे 3 अवैध गोदामों से भारी मात्रा में दवाइयां और कफ सिरप सीज किए गए हैं. इस कार्रवाई में अमन फार्मास्युटिकल्स के संचालक शिवम कसौधन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसका भाई अमन फरार है.
गोंडा में नकली दवाइयों का कारोबार
गोंडा: क्या आप भी मेडिकल स्टोर से बिना सोचे-समझे दवाइयां खरीद लेते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाइए. उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में नकली और प्रतिबंधित नशीली दवाओं के एक बहुत बड़े नेक्सस (गिरोह) का भंडाफोड़ हुआ है. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) मुख्यालय के सख्त निर्देशों के बाद, प्रशासन, औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर में बड़ी छापेमारी की है. इस कार्रवाई में 1 करोड़ 13 लाख रुपये की नकली और प्रतिबंधित दवाएं जब्त की गई हैं.
जानकारी के मुताबिक, गोंडा के शहर कोतवाली क्षेत्र के रानीबाजार, बड़गांव और बरियारपुरवा इलाके में यह अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 9 जनपदों के औषधि निरीक्षकों (ड्रग इंस्पेक्टरों) की एक विशेष टीम बनाई गई. संयुक्त टीम ने तीन अवैध औषधि गोदामों पर एक साथ छापा मारा.
क्या बोलीं डीएम
डीएम प्रियंका निरंजन से जब इस बावत बात की गई तो उन्होंने बताया की मजिस्ट्रेट, औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर इसकी जांच की जा रही है. दवा कहां से आई इतने बड़े पैमाने पर कैसे सप्लाई की जा रही थी और कहां कहां इसकी सप्लाई थी. इसकी भी जांच की जा रही है. इसकी जड़ तक पहुंचने के लिए टीमें काम कर रही है और जल्द ही इस कारोबार के मास्टरमाइड को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
बिना लाइसेंस चल रहा था कारोबार
जांच टीम सबसे पहले शिवम कसौधन के घर पहुंची और पूछताछ के बाद उसकी दुकान व गोदामों की तलाशी ली. ‘अमन फार्मास्युटिकल्स’ के नाम से चल रहे इस कारोबार के संचालक दवाओं की खरीद-बिक्री का कोई भी बिल, स्टॉक रजिस्टर या लाइसेंस नहीं दिखा सके. यह पूरा कारोबार पूरी तरह से अवैध पाया गया.
पुलिस कार्रवाई करते हुए मुख्य संचालकों में से एक, शिवम कसौधन को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, इस अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड और उसका भाई अमन कसौधन पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं.
युवाओं को नशे की लत, जब्त हुई ये दवाइयां
गोदामों से इतनी भारी मात्रा में दवाइयां मिली हैं कि अधिकारियों के भी होश उड़ गए. टीम ने जांच के लिए 19 औषधियों के नमूने (सैंपल) लिए हैं. इन सभी एलोपैथिक दवाओं का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग एक करोड़ 13 लाख रुपये आंका गया है. छापेमारी में मुख्य रूप से नशीली और दर्द निवारक दवाएं मिली हैं:
- 53,712 डिपट्राम प्लस कैप्सूल
- 14,700 अल्ट्रानिम-पी टैबलेट
- 59,256 प्रोक्सीस्पास कैप्सूल
- 2,82,960 सेम्प्लेक्स प्लस कैप्सूल
- 32,160 रोमर स्पास कैप्सूल
- 1,96,000 ट्रामाडोल इंजेक्शन
- 60,000 अल्जोमैक 0.5 (अल्प्राजोलम) टैबलेट
- 63 बोतल कोडीन फास्फेट सिरप
NDPS एक्ट के तहत दर्ज हुई FIR
जिला औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने इस पूरे फर्जीवाड़े पर जानकारी देते हुए बताया कि ये अवैध और नशीली दवाएं युवाओं में नशे की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के लिए बेची जा रही थीं. इस बेहद गंभीर अपराध को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम, 1985 की धारा 8/21 के तहत नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
About the Author

Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें