चित्रकूट में डेढ़ करोड़ से बन रही झरी-कल्याण बाईपास सड़क पूरा होने से पहले धंसी
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मानिकपुर तहसील की करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनी झरी-कल्याण केंद्र बाईपास सड़क पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है. जिसका क्षेत्र के लोग वर्षों से इंतजार कर रहे थे. इस सड़क से दो दर्जन से अधिक गांवों को बेहतर आवागमन की उम्मीद थी, लेकिन पहली ही बारिश ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल दी है. हालात यह हैं कि सड़क जगह-जगह धंस रही है और कई हिस्सों में उखड़ने लगी है. हैरानी की बात यह है कि इस सड़क पर अभी भारी वाहनों का संचालन भी शुरू नहीं हुआ है. इसके बावजूद सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है.
चित्रकूटः यूपी के चित्रकूट जिले में सड़क को लेकर अजीबो गरीब मामला सामने आया है. जहां एक तरफ रोड बनाने का कार्य किया जा रहा था और दूसरी ओर यह सड़क धीमे धीमे जमीन में दबती चली जा रही थी. करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनी झरी-कल्याण केंद्र बाईपास सड़क पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है. आप को बता दे कि मानिकपुर तहसील की यह वही झरी-कल्याण केंद्र बाईपास सड़क है, जिसका क्षेत्र के लोग वर्षों से इंतजार कर रहे थे.
करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सड़क से दो दर्जन से अधिक गांवों को बेहतर आवागमन की उम्मीद थी, लेकिन पहली ही बारिश ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल दी है. हालात यह हैं कि सड़क जगह-जगह धंस रही है और कई हिस्सों में उखड़ने लगी है. हैरानी की बात यह है कि इस सड़क पर अभी भारी वाहनों का संचालन भी शुरू नहीं हुआ है. इसके बावजूद सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है. जानकारी के लिए बता दे कि इस सड़क का निर्माण बुंदेलखंड विकास निधि पीडब्ल्यूडी के माध्यम से कराया जा रहा है.
बारिश आते ही धंसने लगी सड़क
वही स्थानीय निवासी मथुरा प्रसाद मिश्रा ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है. पर्याप्त रोलिंग और मजबूत बेस तैयार किए बिना ही बारिश के मौसम में ब्लैकटॉपिंग कर दी गई. जिसका नतीजा अब सामने है,उनका कहना है कि सड़क बनने से राहत की उम्मीद थी, लेकिन अब इस पर सफर करना भी जोखिम भरा हो गया है. उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि ठेकेदार ने करीब छह महीने पहले गिट्टी डालने के बाद लंबे समय तक काम बंद रखा और बाद में जल्दबाजी में निर्माण पूरा किया है. अब हल्की बारिश में ही सड़क धंसने लगी है. हालांकि मीडिया में मामला आने के बाद ठेकेदार और विभागीय अधिकारी क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कर लीपापोती में जुट गए हैं.
वहीं सड़क के मामले को गंभीरता से लेते हुए चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. अब देखना यह होगा कि जिले के जिम्मेदार अधिकारी इस सड़क को लेकर किस प्रकार की कार्रवाई करते है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें