जिस फूल पर दिल हार बैठती हैं महिलाएं…उसे उगाकर किसान हो रहे मालामाल…
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Rajnigandha Ki Kheti: सहारनपुर के रवि सैनी रजनीगंधा फूल की खेती कर रहे हैं, जिससे उन्हें पारंपरिक खेती से कई गुना अधिक लाभ मिल रहा है. यह फूल दिल्ली की गाज़ीपुर मंडी में बिकता है और विभिन्न सजावट में इस्तेमाल ह…और पढ़ें
हाइलाइट्स
- रवि सैनी रजनीगंधा फूल की खेती से मालामाल हो रहे हैं.
- रजनीगंधा फूल दिल्ली की गाज़ीपुर मंडी में बिकता है.
- रजनीगंधा फूल सजावट और वरमाला में इस्तेमाल होता है.
एक बार लगाने पर 3 साल तक कमाई
किसान रवि सैनी ने बताया कि वे पिछले पांच सालों से रजनीगंधा की खेती कर रहे हैं. इसकी खुशबू सेंडलवुड से भी बेहतर होती है और दूर से ही लोगों को अपनी ओर खींचती है. रजनीगंधा को दिसंबर से फरवरी के बीच लगाया जाता है. यह अगस्त से अक्टूबर के बीच बेहतरीन फूल देता है.
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कम लागत में तगड़ा मुनाफा
इस फूल की एक खास बात यह भी है कि खेत में एक बार लगने के बाद यह तीन साल तक रोज़ फूल देता है. सूरज निकलने से पहले फूल तोड़ लिया जाता है ताकि उसकी ताज़गी बनी रहे. इसके बाद फूल मंडी में चला जाता है और कई दिनों तक तरोताजा रहता है.
रजनीगंधा फूल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल महिलाओं के बालों के गजरे बनाने में होता है. इसके अलावा यह शादियों की सजावट और वरमाला में भी खूब इस्तेमाल होता है. कम लागत, बढ़िया मुनाफा और लंबे समय तक चलने वाली खेती ने रजनीगंधा को किसानों के लिए फायदे का सौदा बना दिया है.