जुलाई में करें अगेती फूलगोभी की रोपाई, 60 दिनों में होगी बंपर कमाई, किसान से जानें

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जुलाई में करें अगेती फूलगोभी की रोपाई, 60 दिनों में होगी बंपर कमाई, किसान से जानें


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Cauliflower Farming Tips: अगस्त का महीना फूलगोभी की खेती करने वाले किसानों के लिए कमाई का सुनहरा मौका लेकर आता है. अगेती फूलगोभी की फसल सिर्फ 60 से 70 दिनों में तैयार होकर मंडी तक पहुंच जाती है, लेकिन अच्छी पैदावार के लिए रोपाई का सही तरीका बेहद जरूरी है. शाहजहांपुर के युवा किसान रनजोद सिंह के मुताबिक पौधों के बीच सही दूरी रखने से फसल मजबूत होती है, बीमारियों का खतरा घटता है और गोभी की गुणवत्ता बेहतर होने से किसानों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है.

शाहजहांपुर: कम समय और सीमित लागत में बंपर कमाई का सपना देख रहे किसानों के लिए अगस्त का महीना बेहद महत्वपूर्ण है. जुलाई-अगस्त में अगेती फूलगोभी की रोपाई की जाती है, जो महज 60 से 70 दिनों के भीतर मंडी में बिकने के लिए तैयार हो जाती है. भारी-भरकम बजट लगाने के बावजूद अक्सर किसान छोटी-छोटी चूकों के कारण मनमुताबिक मुनाफा नहीं कमा पाते. इस फसल में सही तकनीक और सटीक दूरी का ध्यान रखना ही कामयाबी की असली कुंजी है, जिससे पौधे मजबूत होते हैं और फसल का उत्पादन बेहतरीन मिलता है.

युवा प्रगतिशील किसान रनजोद सिंह ने बताया कि फूलगोभी की खेती कम समय में जेब भरने का सबसे सटीक जरिया है, बशर्ते रोपाई का तरीका वैज्ञानिक हो. किसान अक्सर ज़्यादा पैदावार के लालच में पौधों को पास-पास रोप देते हैं, जो सबसे बड़ी भूल है. इससे खेत में हवा का बहाव रुक जाता है और फसल में फफूंद व घातक कीटों का हमला तेज़ हो जाता है. अगर किसान एक्सपर्ट द्वारा तय की गई दूरी का सख्ती से पालन करेंगे, तो न केवल उनकी लागत में बड़ी बचत होगी, बल्कि गोभी का आकार और उसकी गुणवत्ता भी बाज़ार में सबसे बेहतरीन साबित होगी.

खेत की तैयारी और सही पौध का चुनाव
फूलगोभी की पैदावार पूरी तरह से मिट्टी के स्वास्थ्य और पौध की उम्र पर निर्भर करती है. खेत की अच्छी जुताई के बाद उसमें संतुलित मात्रा में जैविक व रसायनिक खाद मिलाना बेहद ज़रूरी है. रोपाई के लिए केवल 4 से 5 सप्ताह पुरानी पौध का ही चुनाव करें. इससे ज़्यादा उम्र की पौध खेत में लगाने से पौधों का सही विकास रुक जाता है, जिसका सीधा असर फसल के चक्र और उत्पादन की कुल मात्रा पर पड़ता है.

रोपाई के दौरान दूरी का सही हिसाब 
पौधों को खेत में रोपाई के समय दूरी का विशेष ध्यान रखना चाहिए. लाइन से लाइन की दूरी 60 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 45 सेंटीमीटर रखनी चाहिए. इस दूरी से रोपाई करने पर हर पौधे को पर्याप्त धूप, पोषक तत्व और पनपने का पूरा दायरा मिलता है. सही फासले के कारण फसल में बीमारियां पनपने का जोखिम भी काफी हद तक कम हो जाता है.

निश्चित दूरी पर रोपाई करने का सबसे बड़ा फ़ायदा खेत के प्रबंधन में मिलता है. इससे फसलों के बीच खरपतवार हटाने, निराई-गुड़ाई करने और मिट्टी चढ़ाने का काम बेहद आसान हो जाता है. जब पौधों के बीच सही गैप होता है, तो किसान बिना किसी मशक्कत के खरपतवार पर काबू पा लेते हैं. इस व्यवस्थित तरीके से काम करने पर मजदूरी का खर्च घटता है और समय की भी भारी बचत होती है.

खाद प्रबंधन और बंपर मुनाफे की गारंटी
पौधों के बीच सही जगह होने से फसलों को समय-समय पर उर्वरक और पोषण देना काफी सहूलियत भरा हो जाता है. खाद सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचती है और बर्बादी नहीं होती. हवा का आवागमन सही रहने से गोभी के फूल बड़े, ठोस और चमकदार बनते हैं. बाज़ार में ऐसी गुणवत्ता वाले फूलों की मांग हमेशा ज़्यादा रहती है, जिससे किसानों को उपज का शानदार और मनचाहा दाम मिलता है.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …

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