जो कहते थे वह सच हो जाता था, कभी नहीं कम पड़ा प्रसाद… कौन थे बाबा बालक दास?

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जो कहते थे वह सच हो जाता था, कभी नहीं कम पड़ा प्रसाद… कौन थे बाबा बालक दास?


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Amethi Latest News: बाबा बालक दास की कहानी काफी दिलचस्प है. आज के सैकड़ों वर्ष पहले बाबा बालक दास यहां बाल अवस्था में आए थे और यहीं पर एक व्यापारी की जमीन पर उन्होंने अपना आश्रम बनाया और वहीं पर भक्ति में लीन हो गए.

अमेठी: यूपी के अमेठी में कई ऐसे धार्मिक और पौराणिक स्थल मौजूद हैं जिनकी महत्वता आज भी हमारे इतिहास और धार्मिक मान्यताओं को मजबूत करती है. एक ऐसा ही पौराणिक स्थान है बाबा बालक दास का जिनकी आस्था आज भी लोगों को उनके प्रति समर्पित रखने के लिए प्रेरित करती है. बाबा बालक दास कम उम्र में ही यहां आए और यहीं पर वे पंच तत्व में विलीन हो गए. बाबा के प्रति आज भी बड़ी संख्या में लोग आस्था रखते हैं और उनके मंदिर और आश्रम पर पहुंचकर अपने परिवार के सुख समृद्धि की कामना करते हैं.

बाबा बालक दास की कहानी काफी दिलचस्प है. आज के सैकड़ों वर्ष पहले बाबा बालक दास यहां बाल अवस्था में आए थे और यहीं पर एक व्यापारी की जमीन पर उन्होंने अपना आश्रम बनाया और वहीं पर भक्ति में लीन हो गए. धीरे-धीरे उनके प्रति लोगों की आस्था हो गई और लोग उनके पास जाकर अपने सुख-दुख उनसे साझा करने लगे.

बाबा बालक दास के आश्रम से जुड़े और गौरीगंज के स्थानीय निवासी सतीश श्रीवास्तव बताते हैं कि बाबा बालक दास का मंदिर काफी प्राचीन है. उन्होंने कहा कि बाबा बाल्यावस्था में यहां आए जो व्यक्ति सुबह का पहला भोजन उन्हें जिस परिवार से मिल जाता था इस भोजन को वह करते थे. उसके बाद वह कुछ खाते पीते नहीं थे. उन्होंने कहा कि एक शिष्य उनके पास बैठा था जब देर रात हो गई तो बाबा ने उसे घर जाने के लिए कहा और घर पर चोरी होने की बात कही.

इसके बाद वहां से वह निकला और थोड़ा असहज हुआ. लेकिन जब वह घर पहुंचा तो वास्तविक रूप से उसके खेतों में चोर चोरी कर रहे थे और वहां से नहीं जा पाए. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि बाबा द्वारा जिस पात्र को छू लिया जाता था. उसमें कभी भी भोजन कम नहीं हुआ, ना तो प्रसाद कम होता था, ना ही खान-पान की कोई सामग्री. उन्होंने कहा कि आज भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो कभी काफी गरीबी थे. लेकिन आज बाबा के आशीर्वाद से करोड़पति नहीं अरबपति हैं. उन्होंने कहा कि बाबा की आस्था जो भी करता है वह हमेशा सुख समृद्धि से परिपूर्ण रहता है और आज भी या मंदिर भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है.

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Abhijeet ChauhanSub-Editor

अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…

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