देखते ही देखते 10 सेकंड में नदी में समा गया शिव मंदिर… लखीमपुर के गांव की खुशियों पर छा गया शारदा का कहर

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देखते ही देखते 10 सेकंड में नदी में समा गया शिव मंदिर… लखीमपुर के गांव की खुशियों पर छा गया शारदा का कहर


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Viral Video: निघासन तहसील के ग्रंट नंबर 12 में शारदा नदी कहर बन कर टूट रही है. लगातार कटान कर रही शारदा ने गांव किनारे भोलेनाथ के प्राचीन शिव मंदिर को निगल लिया.

लखीमपुर-खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी जिले का ग्रंट नंबर 12 गांव इन दिनों शारदा नदी की तबाही का मूक गवाह बन गया है. जहां कभी भोलेनाथ का प्राचीन शिव मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र हुआ करता था, वह अब नदी की तेज धार में समा चुका है. देखते ही देखते महज 10 सेकंड में पूरा मंदिर नदी में विलीन हो गया. मंदिर की मूर्तियां, घंटियां और श्रद्धा से भरी दीवारें बस एक वायरल वीडियो में सिमटकर रह गईं.

तीन हफ्तों से शारदा की लहरें गांव पर कहर बनकर टूट रही हैं. अब तक छह घर नदी में समा चुके हैं. किसान अपनी आंखों के सामने अपने खेत, घर और मंदिर को मिटते देख रहे हैं, पर कुछ कर नहीं पा रहे. हजारों एकड़ जमीन नदी ने लील ली है. धान की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं. अब गन्ना भी पानी में गलने लगा है.

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प्रशासन इस क्षेत्र को डूब क्षेत्र बताकर राहत कार्यों से किनारा कर रहा है. गांव के लोग असहाय हैं, उनका दर्द कोई सुनने वाला नहीं. ऐसे में लोग पलायन करने को मजबूर हो गए हैं. हर बीतता दिन उन्हें अपने जड़ों से और दूर करता जा रहा है. अब लोग सिर्फ अपने घर नहीं, अपनी पहचान, अपना इतिहास और आस्था भी खो रहे हैं. शिव मंदिर के साथ केवल पत्थर नहीं डूबे, एक पूरी पीढ़ी की यादें, विश्वास और उम्मीदें भी बह गईं. यह सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, यह एक समाज की चुपचाप होती हार है.

क्षेत्र में हर साल बाढ़ का खतरा रहता है. इसलिए किसान गन्ने की खेती को प्राथमिकता देते हैं. आमतौर पर गन्ना बाढ़ में भी बच जाता है, लेकिन इस बार स्थिति अलग है. रबी की फसल की बोआई की चिंता भी किसानों को सता रही है.

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देखते ही देखते 10 सेकंड में नदी में समा गया शिव मंदिर… हर कोई सहमा



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