देहरादून में नकली दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़, 12 बड़ी कंपनियों के नाम पर बन रहीं थीं
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Crime Branch Raid News: गाजियाबाद क्राइम ब्रांच और एफएसडीए को देहरादून क्षेत्र में अवैध रूप से नकली दवा निर्माण की गुप्त सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर टीम ने देहरादून के परवाल स्थित देवीपुर न्यू हाईवे रोड पर एक परिसर में छापा मारा. जांच में सामने आया कि वहां बिना किसी वैध लाइसेंस या अनुमति के बड़े पैमाने पर दवाओं का निर्माण और पैकेजिंग की जा रही थी.
गाजियाबाद में नकली दवा की फैक्ट्री का भंडाफोड़.
Crime Branch Raid: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने बुधवार को देहरादून में बड़ी कार्रवाई की. टीम ने नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. इस छापेमारी में सिप्ला, ल्यूपिन, सन फार्मा समेत 12 जानी मानी दवा कंपनियों के नाम पर तैयार की जा रहीं नकली दवाइयां बरामद की गई हैं. अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई नकली दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई, जिससे ऐसे गिरोहों पर बड़ी चोट मानी जा रही है.
देवीपुर न्यू हाईवे रोड स्थित परिसर में चल रही थी फैक्ट्री
गाजियाबाद क्राइम ब्रांच और एफएसडीए को देहरादून क्षेत्र में अवैध रूप से नकली दवा निर्माण की गुप्त सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर टीम ने देहरादून के परवाल स्थित देवीपुर न्यू हाईवे रोड पर एक परिसर में छापा मारा. जांच में सामने आया कि वहां बिना किसी वैध लाइसेंस या अनुमति के बड़े पैमाने पर दवाओं का निर्माण और पैकेजिंग की जा रही थी.
12 नामी कंपनियों के ब्रांड का हो रहा था दुरुपयोग
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि फैक्ट्री में देश की कई प्रमुख दवा कंपनियों के नाम और ट्रेडमार्क का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था. बरामद पैकेजिंग सामग्री पर सिप्ला, ल्यूपिन, डॉ. रेड्डीज, एल्डर, माइक्रो, मैनकाइंड, इंटास, एबॉट, सन फार्मा, एरिस्टो, मैक्लियोड्स और जाइडस जैसी कंपनियों के नाम छपे हुए थे. अधिकारियों का कहना है कि इन ब्रांडों के नाम का इस्तेमाल कर नकली दवाओं को असली बताकर बाजार में सप्लाई करने की तैयारी थी.
नकली पैकिंग से धोखा खा सकते थे मरीज
छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में तैयार संदिग्ध गोलियां, सिरप, खाली कैप्सूल, फर्जी रैपर, प्रिंटेड लेबल और ऑटोमैटिक पैकिंग मशीनें बरामद की गईं. अधिकारियों के मुताबिक पैकेजिंग इतनी हूबहू तैयार की गई थी कि आम ग्राहक या दवा विक्रेता भी असली और नकली दवाओं में अंतर नहीं कर पाते. नकली दवाओं का सेवन मरीजों की जान के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है.
लैब जांच के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
संयुक्त टीम ने बरामद सभी दवाओं और अन्य सामग्रियों को सील कर उनके नमूने सरकारी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए हैं. लैब रिपोर्ट आने के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…
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