धान में चाहिए तगड़ा फुटाव? 15 दिन बाद कर डालें ये काम, ये ट्रिक कोई नहीं बताएगा
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Paddy Farming Tips : सहारनपुर बासमती धान का गढ़ माना जाता है. यहां किसान धान की बुवाई कर चुके हैं. अब बेहतर पैदावार के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. अगले 30 से 40 दिन में कुछ ऐसी चीजों का इस्तेमाल करना होगा, जिससे धान का तेजी से फुटाव हो. सहारनपुर के कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी और प्रोफेसर डॉ. आईके कुशवाहा लोकल 18 से कहते हैं कि हर फसल के फुटाव का एक समय होता है. किसान भाई जिंक सल्फेट या बेन्टोनाइट सल्फर का प्रयोग भी कर सकते हैं.
सहारनपुर. यूपी का सहारनपुर बासमती धान का गढ़ है. यहां के कई किसान धान की बुवाई कर चुके हैं. अगर वे अपने खेत से अच्छा उत्पादन लेना चाहते हैं तो 30 से 40 दिन में कुछ ऐसी चीजों का इस्तेमाल करना होगा, जिससे धान का तेजी से फुटाव हो. धान के फुटाव का समय 30 से 40 दिन के बीच होता है. उससे पहले अगर फुटाव को अच्छा करना है तो कुछ चीजों का ध्यान रखना होगा. दूसरा ऑप्शन है सही मात्रा में पोषक तत्व और खाद की मात्रा का इस्तेमाल. कुछ वैरायटी भी ऐसी होती हैं जिसमें फुटाव का समय भी अलग-अलग होता है. ऐसे में फुटाव को मजबूत बनाने के लिए समय और तरीका दोनों का सही उपयोग होना जरूरी है.
गोबर खाद इस वक्त वरदान
सहारनपुर के कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी और प्रोफेसर डॉ. आईके कुशवाहा लोकल 18 से कहते हैं कि हर फसल के फुटाव का एक समय होता है. धान की फसल में 30 दिन से 40 दिन के आसपास फुटाव होने लगता है. धान में फुटाव से पहले हमें कुछ ऐसा काम करना होता है जिनसे 40 दिन तक फुटाव अच्छा हो जाता है. सबसे पहले किसान भाई एनपीके का समान रूप से प्रयोग करें. सड़ी गोबर की खाद का इस्तेमाल जरूर करें. धान में कुछ शॉट वैरिएशन की प्रजातियां हैं, जैसे 1509 धान वैरायटी. इसमें 15 दिन में और जो मोटे धान हैं, उनमें 20 दिन के आसपास एक पटेला लगाया जाता है.
नहीं होगा नुकसान
डॉ. आईके कुशवाहा के मुताबिक, जिस खेत मे आप पटेला लगाना चाहते हैं, उसमें पानी भरा होना चाहिए. इससे धान को नुकसान नहीं होगा. पहला पटेला 15 से 20 दिन और दूसरा पटेला 22 से 25 दिन में करने से पौधा झुकता नहीं है और फुटाव अच्छा हो जता है. दूसरा तरीका है धान लगाने की गहराई किसान ज्यादा न करें. किसान भाई जिंक सल्फेट या बेन्टोनाइट सल्फर का प्रयोग भी कर सकते हैं. इससे भी फुटाव अच्छा होता है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें