नवजातों के लिए पहली गर्मी बनी चुनौती, शिशुओं की देखभाल पर डॉक्टर की खास सलाह

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नवजातों के लिए पहली गर्मी बनी चुनौती, शिशुओं की देखभाल पर डॉक्टर की खास सलाह


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आगरा में बढ़ती भीषण गर्मी के बीच नवजात शिशुओं की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है. तापमान 40 डिग्री के पार पहुंचने से छोटे बच्चों को खास देखभाल की जरूरत है. वरिष्ठ चिकित्सक ने पेरेंट्स को सलाह दी है कि समय-समय पर मां का दूध पिलाएं, साफ-सफाई का ध्यान रखें और बच्चों को ज्यादा ठंडे या ए.सी. माहौल से बचाएं, ताकि उन्हें गर्मी और संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके.

आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा में भीषण गर्मी का प्रकोप शुरू हो गया है, ऐसे में बड़े बड़े इंसान तक बीमार पड़ रहे है. बताया जा रहा है कि इस सीजन कि गर्मी पहले की तुलना में काफी ज्यादा है. तापमान 40 पार पहुंच रहा है, जो दोपहर के वक्त तो 44 तक पहुंच जाता है. ऐसे ने शरीर झूलसा देने वाली इस गर्मी में न्यू बोर्न बेबी का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है. जो बच्चे अक्टूबर से मार्च के बिच जन्मे है उनके लिए यह भीषण गर्मी चुनौती पूर्ण होने वाली है. ऐसे में आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक ने बच्चों के पेरेंट्स को खास सलाह दी है, जिससे वह कुछ घरेलु उपचार कर बच्चों को इस भीषण गर्मी से बचा सकते है. उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों कि इम्युनिटी पॉवर काफ़ी कम होती है जिसमें न्यू बोर्न बेबी को तो बचाव कि ज्यादा ही जरुरत होती है. चिकित्सक ने बताया कि ऐसे में बच्चों को बचाव के तौर पर मां का दूध समय समय पर पिलायें. उन्होंने कहा कि कई बार मां अपना रखा हुआ दूध बच्चों को पीला देती है ऐसा नहीं करना है. इससे बच्चे के पेट में गैस आदि बन सकती है और उसे उल्टी दस्त हो सकते है. उन्होंने कहा कि दूध पिलाने के बाद बच्चे को कंधे पर ले कर डकार जरूर दिलानी है, जिससे वह उल्टी ना करें. डॉ. ने बताया कि छोटे बच्चों को स्वस्थ्य रखने के लिए मां को स्वथ्य रहना बेहद जरूरी है क्यूंकि बच्चा उन्ही का दूध पिता है ऐसे ने मां को गर्मी में बीमार नहीं होना है. इसके लिए वह अपने बचाव भी पहले करें जिससे जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित रहें.

समय समय पर पिलायें मां का दूध 
आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि भीषण गर्मी में न्यू बोर्न बेबी को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि इसके लिए जो हालिया बच्चे या जिनकी यह पहली गर्मी है उन्हें समय समय पर मां का दूध पिलाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ बच्चे जो 3-4 महीने के हो गयें है और वह मां का दूध नहीं पीते है तो डॉक्टर कि सलाह के अनुसार ही उन्हें उसी मात्रा में दूध दें. उन्होंने कहा कि गर्मी में ध्यान देना है कि बच्चा कहीं गीले में तो नहीं है उसके कपड़े साफ और स्वच्छ होने चाहिए. डॉ. आशीष मित्तल ने कहा कि जहां बच्चा रहता है वह आस पास का स्थान स्वच्छ होना चाहिए. छोटे बच्चों के कपड़े प्रतिदिन बदलने चाहिए, जिससे उन्हें इन्फेक्शन ना हो. डॉ. ने कहा कि कई बार पेरेंट्स छोटे बच्चों को ए.सी. में सुला देते है ऐसा बिलकुल नहीं करना है बच्चों को नार्मल कमरे में सुलाएं. विशेष बात यह है कि बच्चों को दूध समय पर देना चाहिए जिससे वह गर्मी में चिड़चिड़ाए नहीं जिससे वह स्वस्थ्य रहे. उन्होंने कहा कि यदि बच्चा दूध नहीं पी रहा है या बार बार उल्टी कर रहा है ऐसे में नज़दीकी बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए.

मां का स्वस्थ्य रहना बेहद जरूरी है
आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि न्यू बोर्न बेबी के लिए यह पहली गर्मी है तो उन्हें सुरक्षित रखने के लिए मां का सुरक्षित रहना जरूरी है. उन्होंने कहा कि बच्चे मां का दूध पीते है जो उनके लिए काफी फायदेमंद होता है, ऐसे में यदि बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए मां को खुद सुरक्षित रहना पड़ेगा. इसके लिए मां धूप से बचे, ठंडा पानी ना पियें, हेल्दी फ़ूड का सेवन करें और लू की चपेट से बचे. उन्होंने कहा कि मां यदि इन सभी चीजों से बचाव करेगी तो उनके दूध पीने से बच्चा एकदम हेल्दी रहेगा. गर्मी में जरूरी है कि मां को हेल्दी फ़ूड के साथ पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन भी करते रहना चाहिए. समय पर भोजन और व्यायाम बहुत जरूरी है.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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