नीले ड्रम वाली मुस्कान की बेचैनी क्यों बढ़ी, बेटी का नाम राधा से मन्नत रखा
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Meerut Muskan Case : मेरठ के नीले ड्रम वाला सौरभ हत्याकांड केस की अदालत में सुनवाई अंतिम दौर में पहुंच गई है. पीड़ित पक्ष और आरोपी पक्ष दोनों की नजर फैसले पर टिकी हुई है. माना जा रहा है कि बहस पूरी होने के बाद अदालत जल्द ही फैसले की तारीख तय कर सकती है. ऐसे में इस चर्चित मामले का फैसला आने वाले दिनों में मेरठ ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की नजरों में रहेगा.
मेरठ का नीला ड्रम हत्याकांड सुनवाई के अंतिम दौर में..
मेरठ : बहुचर्चित नीले ड्रम सौरभ हत्याकांड में अब फैसला आने की घड़ी नजदीक पहुंच गई है. अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से बहस लगभग पूरी हो चुकी है और मामला अंतिम चरण में पहुंच गया है. कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आने वाले दिनों में अदालत अपना फैसला सुना सकती है. इसी बीच मेरठ जिला जेल में बंद आरोपी मुस्कान और साहिल की बेचैनी भी लगातार बढ़ती जा रही है. जेल प्रशासन का कहना है कि जैसे-जैसे फैसले की घड़ी करीब आ रही है, दोनों आरोपियों की मानसिक स्थिति में बदलाव साफ दिखाई दे रहा है.
मेरठ जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि अदालत में बहस अंतिम चरण में पहुंचने के बाद दोनों आरोपी काफी चिंतित रहने लगे हैं. वे अक्सर मुकदमे की स्थिति और संभावित सजा को लेकर सवाल करते हैं. खास तौर पर उनकी सबसे बड़ी चिंता यही रहती है कि अदालत का फैसला क्या होगा और अगर दोष सिद्ध होता है तो उन्हें कितनी सजा मिल सकती है?
दोनों की काउंसलिंग हो रही
जेल प्रशासन के मुताबिक, दोनों आरोपियों की काउंसलिंग भी लगातार कराई जा रही है. जेल के डॉक्टर समय-समय पर उनकी मानसिक स्थिति की समीक्षा करते हैं ताकि वे तनाव की स्थिति से बाहर निकल सकें. जेल नियमों के तहत मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है और दोनों को रोजाना परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है.
जेल सूत्रों के अनुसार, मुस्कान पिछले कुछ समय से धार्मिक गतिविधियों में भी अधिक समय बिता रही है. वह जेल में होने वाले भजन, कीर्तन और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेती है. वह ईश्वर से अपने भविष्य को लेकर प्रार्थना भी कर रही है. जेल प्रशासन का मानना है कि धार्मिक गतिविधियां कैदियों को मानसिक रूप से संतुलित रखने में मदद करती हैं.
बच्ची का नाम भी बदल दिया
इस मामले से जुड़ी एक और चर्चा मुस्कान की बेटी को लेकर भी है. जेल अधिकारियों के अनुसार, पहले वह अपनी बच्ची को राधा नाम से पुकारती थी, लेकिन अब वह उसे मन्नत नाम से बुलाने लगी है. बताया जा रहा है कि वह अपनी बेटी के लिए भी ईश्वर से मन्नत मांग रही है और इसी वजह से उसके नाम में भी बदलाव किया गया है.
उधर साहिल भी फैसले को लेकर लगातार चिंता में है. जेल प्रशासन के अनुसार वह भी कई बार अधिकारियों से बातचीत के दौरान मुकदमे की प्रोग्रेस और संभावित सजा के बारे में जानकारी लेने की कोशिश करता है. हालांकि जेल अधिकारी कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए उसे कोई अनुमान नहीं बताते और केवल यही कहते हैं कि अंतिम फैसला अदालत को ही करना है.
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I currently serve as a Senior Assistant Editor at News18 Hindi, leading State & Local18 operations across Uttar Pradesh, Uttarakhand, Delhi, Himachal Pradesh and Haryana. With over 17 years of experience in jou…
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