न किराए पर मिलेगी, न होगी लीज… UP में शत्रु संपत्ति सीधा 15 दिन में नीलामी
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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश सरकार के एक फरमान के बाद जो लोग शत्रु संपत्तियों में किराए पर रह रहे हैं या फिर लीज पर लिए है उनमें हड़कम मच गया है. वहीं सरकार के इस फरमान को लेकर प्रशासनिक अधिकारी अभिलेखों को खंगालने में जुट गए हैं.
शत्रु संपत्ति पर UP सरकार का आदेश
सीतापुर: उत्तर प्रदेश सरकार ने शत्रु संपत्ति को लेकर एक फरमान जारी किया है, जिसमें सरकार ने साफ किया है कि अब न तो शत्रु संपत्तियों को किराए पर दिया जाएगा और न ही लीज पर दिया जाएगा. और तो और जिन संपत्तियों के अनुबंध चल रहे है, उनका अनुबंध खत्म होते ही उन्हें 15 दिन का नोटिस देते हुए नीलाम किया जाएगा. उत्तर प्रदेश सरकार के इस फरमान के बाद जो लोग शत्रु संपत्तियों में किराए पर रह रहे हैं या फिर लीज पर लिए है उनमें हड़कम मच गया है. वहीं सरकार के इस फरमान को लेकर प्रशासनिक अधिकारी अभिलेखों को खंगालने में जुट गए हैं.
सीतापुर में सबसे अधिक शत्रु संपत्ति
शत्रु संपत्ति की बात अगर करें तो सबसे ज्यादा शत्रु संपत्ति उत्तर प्रदेश के सीतापुर में है. 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, सीतापुर में लगभग 850 शत्रु संपत्तियां है, जिसमें राजा महमूदाबाद का मामला सबसे चर्चित है. उनकी सभी संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित किया गया है. प्रदेश सरकार की ओर से एक अध्यादेश लाकर राजा महमूदाबाद की सभी संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया था. हालांकि राजा महमूदाबाद सरकार के इस अध्यादेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए थे, जहां मामला अभी विचाराधीन चल रहा है.
करोड़ों की संपत्ति कराई खाली
सीतापुर जिला प्रशासन द्वारा शत्रु संपत्तियों पर की गई कार्रवाई को लेकर देखे तो तो बड़े पैमाने पर कब्जा मुक्त कराया गया है, जिसमें प्रशासन ने बिसवां तहसील के पुरैनी गांव में 432 बीघा शत्रु संपत्ति अनुमानित कीमत 10 करोड़ की थी. इसी प्रकार लालपुर में प्रशासन ने पूर्व प्रधान रमेश चंद्र के कब्जे से 52 बीघा जमीन कब्जा मुक्त कराई थी, जिसका बाजार मूल्य करीब दो करोड़ रुपए की थी.
क्या होता है शत्रु संपत्ति?
भारत-पाक और भारत-चीन युद्ध के बाद जो लोग पाकिस्तान या चीन चले गए और वहां की नागरिकता ले ली, उनकी छोड़ी संपत्तियों को कानूनी रूप से शत्रु संपत्ति कहा जाता है. उत्तर प्रदेश में ऐसी कई संपत्तियां हैं, जिन पर सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए बड़ा फैसला लिया है. नए नियमों के तहत अब इन संपत्तियों को न तो कभी किराये पर दिया जाएगा और न ही इनकी लीज का नवीनीकरण किया जाएगा.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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