प्रोटीन के लिए महंगा पाउडर क्यों खरीदना? रसोई की ये 7 देसी चीजें देंगी भरपूर ताकत
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Protein Rich Food for Daily Diet: प्रोटीन बढ़ाने के लिए जरूरी नहीं कि हर बार महंगे सप्लीमेंट या पाउडर का सहारा लिया जाए. हमारी रसोई में मौजूद कई देसी चीजें भी रोज की डाइट में प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकती हैं. हरी मूंग, उड़द, मसूर, सोयाबीन, चना और मूंगफली जैसे खाद्य पदार्थ आसानी से मिलने के साथ कई तरह से खाए जा सकते हैं. खास बात यह है कि इन्हें नाश्ते से लेकर लंच और शाम के स्नैक तक डाइट में शामिल किया जा सकता है. अगर आप भी बिना ज्यादा खर्च किए खाने में प्रोटीन बढ़ाना चाहते हैं, तो इन देसी विकल्पों के बारे में जानना आपके काम आ सकता है.
प्रोटीन बढ़ाने के लिए हर बार महंगा पाउडर खरीदना जरूरी नहीं है. घर की रसोई में रखी साबुत हरी मूंग भी इसका अच्छा विकल्प है. 100 ग्राम सूखी मूंग में करीब 24 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है. इसे दाल, खिचड़ी या अंकुरित करके खाया जा सकता है. खास बात यह है कि मूंग को रोज के खाने में आसानी से शामिल किया जा सकता है. अगर आप अपनी डाइट में प्रोटीन बढ़ाना चाहते हैं तो मूंग को मेन्यू में जगह दे सकते हैं. हालांकि, इसकी मात्रा और जरूरत हर व्यक्ति की डाइट पर निर्भर करती है.
काली उड़द दाल को सिर्फ दाल या इडली-डोसे के लिए इस्तेमाल करने तक सीमित न रखें. यह भी प्रोटीन देने वाली देसी चीजों में शामिल है. 100 ग्राम सूखी उड़द में करीब 24 से 25 ग्राम प्रोटीन हो सकता है. आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल के मुताबिक, आयुर्वेद में इसे बलवर्धक यानी शरीर को ताकत देने वाली दाल माना गया है. इसे अच्छी तरह पकाकर खाना बेहतर रहता है. हालांकि, हर व्यक्ति का पाचन अलग होता है, इसलिए ज्यादा मात्रा में लेने के बजाय अपनी जरूरत के हिसाब से इसे डाइट में शामिल करें.
लाल मसूर दाल सस्ती भी है और रोज के खाने में शामिल करना भी आसान है. 100 ग्राम सूखी मसूर दाल में लगभग 24 से 26 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है. यही वजह है कि शाकाहारी लोगों के लिए दालें प्रोटीन का आसान जरिया बन सकती हैं. इसे दाल बनाकर चावल या रोटी के साथ खाया जा सकता है. ध्यान रखें कि ये आंकड़े सूखी दाल के हैं. पकने के बाद दाल का वजन बढ़ जाता है और प्रति 100 ग्राम प्रोटीन की मात्रा कम दिखाई देती है. इसलिए मात्रा समझते समय इस फर्क का ध्यान जरूर रखें.
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अगर प्लांट बेस्ड प्रोटीन की बात करें तो सोयाबीन काफी अच्छा विकल्प है. 100 ग्राम सूखी सोयाबीन में करीब 36 ग्राम प्रोटीन पाया जा सकता है. इसे सब्जी, करी या दूसरे घरेलू तरीकों से खाया जा सकता है. लेकिन सोया से बने हर प्रोडक्ट को एक जैसा समझना ठीक नहीं है, क्योंकि उनकी प्रोसेसिंग और पोषण अलग-अलग हो सकते हैं. इसलिए रोज की डाइट में कम प्रोसेस्ड विकल्पों को प्राथमिकता देना बेहतर है. साथ ही, बहुत ज्यादा मात्रा लेने के बजाय इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाएं.
काला चना और काबुली चना यानी छोले भी प्रोटीन के साथ फाइबर देने वाले देसी फूड हैं. 100 ग्राम सूखे चने में करीब 19 से 20 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है. इन्हें रातभर भिगोकर अच्छी तरह पकाकर खाना ज्यादा आसान रहता है. चने खाने से पेट भी लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है. इन्हें सलाद, चाट, सब्जी या साधारण चने की दाल के रूप में खाया जा सकता है. अगर चने खाने से गैस या भारीपन होता है तो मात्रा कम रखें और अपने शरीर के हिसाब से सेवन करें.
शाम की भूख में अगर हर बार पैकेट वाला स्नैक खाने की आदत है तो भुना चना बेहतर विकल्प हो सकता है. 100 ग्राम भुने चने में लगभग 20 से 22 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है. इसे बिना ज्यादा मेहनत के नाश्ते में खाया जा सकता है. इसमें फाइबर भी होता है, इसलिए यह पेट भरने में मदद कर सकता है. बस ध्यान रखें कि बाजार में मिलने वाले फ्लेवर वाले या ज्यादा नमक वाले पैकेट की जगह साधारण भुना चना चुनना बेहतर है.
मूंगफली को लोग अक्सर सिर्फ स्वाद के लिए खाते हैं, लेकिन इसमें प्रोटीन भी अच्छी मात्रा में होता है. 100 ग्राम मूंगफली में करीब 25 से 26 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है. इसके साथ इसमें फैट और कैलोरी भी काफी होती हैं, इसलिए इसे प्रोटीन का अकेला सहारा मानना सही नहीं है. मुट्ठीभर मूंगफली नाश्ते या शाम की भूख में ली जा सकती है. अगर वजन नियंत्रित करना है तो मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है. बिना ज्यादा नमक और अतिरिक्त तेल वाली मूंगफली बेहतर विकल्प हो सकती है.