फर्रुखाबाद की अनोखी परंपरा, सावन में हर गली में होता है भंडारा, नहीं रहती धर्म की दीवारें
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मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले रास्ते पर मिर्जा नगला गांव है. जहां पर प्रत्येक दिन हजारों लोग गुजरते हैं ऐसे में जब यहां पर भंडारे का आयोजन होता है. तो सभी धर्म के लोग यहां पर पहुंचकर इस भंडारे के प्रसाद का आनंद उठ…और पढ़ें
फर्रुखाबाद में वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को नई पीढ़ी भी श्रद्धा के साथ निभा रही है. मिर्जापुर निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके मित्रों ने मिलकर सावन के इस अवसर पर भंडारे का आयोजन किया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया.
कमालगंज विकास खंड के मिर्जानगला गांव के लोग पहले सावन में हरिद्वार और गोला गोकर्णनाथ के दर्शन के लिए जाते है. दर्शन से लौटने के बाद गांव में एक विशाल और भव्य भंडारे का आयोजन करते है. इसमें लोग लंबी कतारों में लगकर प्रसाद ग्रहण करते है. यह परंपरा गांव की एक विशेष पहचान बन चुकी है.
धूप नहीं, अब भक्ति की चहल-पहल
अन्य दिनों में जहां चिलचिलाती धूप के कारण फर्रुखाबाद की सड़कों पर सन्नाटा रहता है, वहीं सावन के इस अवसर पर आज सड़कों पर भक्तों की चहल-पहल देखने को मिली. हर ओर भंडारों की धूम थी और श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए.
टूटती हैं धर्म की दीवारें
जहानगंज को कमालगंज से जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित मिर्जानगला गांव का भंडारा सामाजिक समरसता की मिसाल बन गया है. यहां हर धर्म के लोग पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करते है. यह आयोजन मानव सेवा का ऐसा उदाहरण है, जहां कोई धार्मिक सीमा नहीं, बस सेवा और श्रद्धा है.
काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. डिजिटल में 6 साल से ज्यादा का अन…और पढ़ें
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