बुरी नजर से मुक्ति, तनाव से छुटकारा…मुरादाबाद वालों ने ये क्या बना डाला?
Last Updated:
Moradabad Brass Shri Yantra : पीतल नगरी मुरादाबाद के इस यंत्र को बारीक नक्काशी से तैयार किया गया है. इसकी डिमांड अब विदेशों से भी आ रही है. यह दिखने में जितना सुंदर है, उतना ही आध्यात्मिक भी. इसमें आपस में जुड़े हुए नौ त्रिकोण हैं, जो मिलकर 43 छोटे त्रिकोण बनाते हैं. चार त्रिकोण शिव और पांच त्रिकोण शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं. लोकल 18 से पीतल कारोबारी किशन खन्ना बताते हैं कि लोग अपनी पसंद और साइज के हिसाब से ऑर्डर देकर भी इसे बनवा सकते हैं. मान्यता है कि घर में श्री यंत्र रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है. बुरी नजर और बाधाएं घर में प्रवेश नहीं कर पाती हैं.
मुरादाबाद. यूपी के मुरादाबाद को पूरी दुनिया में पीतल नगरी के नाम से जाना जाता है. यहां के पीतल के उत्पादक देश-दुनिया में एक्सपोर्ट किए जाते हैं. पीतल नगरी में सभी देवी-देवताओं की मूर्तियां तैयार की जाती हैं. इसमें राधा-कृष्ण, हनुमान जी, शेरावाली माता से लेकर कई मूर्तियां शामिल हैं. इन दिनों पीतल का श्री यंत्र तैयार किया जा रहा है. यह दिखने में जितना सुंदर और आकर्षक है, उतना ही इसे आध्यात्मिक भी माना जाता है. इस यंत्र को बारीक नक्काशी से तैयार किया गया है. इसकी डिमांड अब विदेशों से भी आ रही है.
क्यों बढ़ जाती है मांग
पीतल कारोबारी किशन खन्ना लोकल 18 से बताते हैं कि इन दिनों यहां पांच 5 इंच से लेकर कई फीट तक के श्री यंत्र बनाए जा रहे हैं. इनकी बारीक नक्काशी इन्हें और भी खास बना देती है. मान्यता है कि घरों में पीतल का श्री यंत्र रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है. बुरी नजर और बाधाएं घर में प्रवेश नहीं कर पाती हैं. पूजा में रखने पर मानसिक शांति देता है. इसकी आकृति और ध्वनि तनाव कम करके मन को स्थिर करती हैं. इसमें नौ आपस में जुड़े हुए त्रिकोण होते हैं, जो मिलकर 43 छोटे त्रिकोण बनाते हैं. चार त्रिकोण शिव और पांच त्रिकोण शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं.
इसकी कीमत कितनी?
पीतल कारोबारी किशन खन्ना के मुताबिक, इस यंत्र की मांग सभी सीजनों और त्योहार पर रहती है. इन दिनों इसकी खूब डिमांड देखने को मिल रही है. कीमत की बात करें तो ये यंत्र 1000 रुपये से लेकर कई हजार रुपये तक मिलता है. लोग अपनी पसंद और साइज के हिसाब से ऑर्डर देकर भी इसे बनवा सकते हैं. मुरादाबाद में श्री यंत्र को बनाने के लिए हर बारीकियों का ध्यान रखा जाता है. इसलिए भी इसकी इतनी ज्यादा डिमांड है. घरेलू स्तर पर भी इसकी जमकर खरीदारी हो रही है.
About the Author

प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…
और पढ़ें