बेटियों पर देह व्यापार का दबाव, पत्नी से मारपीट, फिर भी दोस्त मोहम्मद हुआ बरी

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बेटियों पर देह व्यापार का दबाव, पत्नी से मारपीट, फिर भी दोस्त मोहम्मद हुआ बरी


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लखनऊ की एक अदालत ने सबूतों के अभाव में पिता को बरी कर दिया है. पिता पर बेटियों से देह व्यापार करने का दबाव बनाने और पत्नी से मारपीट के आरोप लगे थे. हालांकि कोर्ट ने पाया कि परिवार ने आरोपित युवक पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया था, जिसको लेकर 500 रुपये का जुर्माना लगाया था.

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बेटियों पर देह व्यापार का दबाव, पत्नी से मारपीट, फिर भी दोस्त मोहम्मद हुआ बरीZoom

लखनऊ कोर्ट ने पिता को सबूतों के अभाव में किया बरी.

लखनऊः पत्नी ,बच्चों को पीटने, पत्नी और बेटियों पर देह व्यापार का दबाव बनाने और अपनी बेटियों से अश्लील हरकत के आरोपी दोस्त मोहम्मद को कोर्ट ने बरी कर दिया. सबूतों के अभाव में पॉक्सो कोर्ट ने दोस्त मोहम्मद को बरी किया. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी कोई काम नहीं करता था और रोज शराब पीकर घर में लड़ाई ,झगड़ा करता था. इस बात से तंग आकर परिवार वालों ने दोस्त मोहम्मद को कुछ दिन के लिए जेल में बंद करने का विचार बनाया था. इसके बाद वादिनी ने अपने पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया.  सुनवाई के दौरान वादिनी और दोनों बच्चियों ने अभियोजन कथानक का समर्थन नहीं किया, घटना से इनकार कर दिया.

500 का जुर्माना कोर्ट ने लगाया
झूठा मुकदमा दर्ज करने पर मामले की वादिनी और आरोपी दोस्त मोहम्मद की पत्नी पर 500 रुपए का जुर्माना भी लगाया. 19 सितंबर 2016 को तत्कालीन एसपी सिटी के जरिए सआदतगंज थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी. एफआईआर के मुताबिक बताया गया कि पति शराबी है. नशे में मारपीट करता है. विरोध पर वादिनी और बच्चों को कई दिन तक भूखा प्यासा रखने का आरोप लगाया गया. पैसे न मिलने पर दोस्त मोहम्मद घर का सामान बेच देता है.

बेटियों पर देह व्यापार करने का बना रहा था दबाव
पैसे के लिए वादिनी और उसकी दोनों नाबालिग बेटियों पर देह व्यापार करने का दबाव बना रहा था. आरोप लगाया गया कि दोस्त मोहम्मद नशे में घर आने पर अपनी नाबालिग बेटियों के साथ अश्लील हरकतें करता था. मामले की सुनवाई के दौरान वादिनी और उसकी 16 और 12 साल की बेटियों में घटनाओं से इंकार कर दिया था.

क्यों परिवार ने दर्ज कराया था मुकदमा
बयान देकर बताया था कि पापा मम्मी को परेशान करते थे. खाला, नानी के कहने पर शिकायत की. लेकिन पुलिस दोस्त मोहम्मद को ले जाती थी और कुछ देर में छोड़ देती थी. तब पीड़िता के परिवार ने तय किया कि ऐसी रिपोर्ट लिखवाई जाए की दोस्त मोहम्मद लंबे समय के लिए जेल चला जाए. इस पर पत्नी ने दोस्त मोहम्मद पर झूठी एफआईआर दर्ज करा दी थी.

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Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai is a digital journalist with over 9 years of experience in Hindi journalism, specializing in politics, crime, hyper-local reporting, and viral news. He currently serves as Chief Sub Editor at News1…

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