मंच से 5वीं की रितिका ने सुनाई ऐसी कहानी, देखती रह गईं UP की राज्यपाल
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Meerut News: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में एक अनोखा नजारा देखने को मिला. जब मंचासीन राज्यपाल के सामने प्राइमरी स्कूल में अध्ययन करने वाली पांचवीं की छात्रा द्वारा अपने ही संघर्ष की कहानी के बदौलत प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया.
मेरठ: हर युवा के जीवन में माता-पिता का अहम योगदान होता है. बदलते दौर में देखने को मिलता है कि बच्चे अपने माता-पिता के योगदान को ही भूल जाते हैं. मगर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में एक अलग ही नजारा देखने को मिला. जब रोहटा क्षेत्र के भड़ौदा प्राथमिक विद्यालय में अध्ययन करने वाली पांचवी की छात्रा रितिका की ओर से अपने ही परिवार की कहानी के माध्यम से अपने माता-पिता की कठिन परिश्रम को दर्शाया गया. जिससे प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रितिका को सम्मानित किया. ऐसे में लोकल 18 की टीम ने रितिका से बातचीत की.
खुद की कहानी को उकेरा
लोकल 18 की टीम से खास बातचीत करते हुए कक्षा 5 की छात्रा रितिका ने बताया कि वह प्राथमिक विद्यालय में अध्ययन करती हैं. उनके पिता का देहांत हो गया है. घर की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां के ऊपर है. घर में दो बहन एक भाई भी हैं, ऐसे में सभी की जिम्मेदारी उनकी मां के ऊपर है. मां मजदूरी करते हुए उनका लालन-पोषण के साथ उनको शिक्षित भी कर रही हैं. ऐसे ही जब स्कूल में पता चला कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से कहानी प्रतियोगिता का आयोजन कराया जा रहा है, तब उन्होंने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई और अपनी प्रिंसिपल पूजा भटनागर के नेतृत्व में उन्होंने इस प्रतियोगिता में प्रतिभा किया, जिसमें उन्हें प्रथम स्थान मिला है.
उन्होंने बताया कि वह अपने पिता से भी काफी प्रेम करती थीं. ऐसे में वह अपनी कहानी के फर्स्ट प्राइज की बात अपने पिता को बताना चाहती थीं. लेकिन उनके पिता नहीं हैं, इससे उन्हें काफी दुख हुआ. लेकिन वह कहती हैं कि कभी भी अपनी कमजोरी से पीछे नहीं भागना चाहिए, बल्कि कमजोरी को ही अपनी ताकत बनाना चाहिए. अब वह इसी उद्देश्य को लेकर आगे बढ़ रही हैं.
सैकड़ो लोगों के सामने मंच से दिया भाषण
अगर किसी युवा से भी कहा जाए कि आपको मंच से भाषण देना है और वहां उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे, तो अच्छे-अच्छे युवाओं को उसके लिए काफी बेहतर तरीके से तैयारी करनी पड़ जाती है. लेकिन कक्षा 5 में अध्ययन करने वाली छात्रा से जब राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ओर से मंच से ही कहानी बताने के लिए निर्देश दिया गया, तो सभी लोग आश्चर्य चकित हो गए. लगभग 10 मिनट तक रितिका ने अपनी कहानी को बयां किया, जिसमें एक बार भी उनके चेहरे पर डर देखने को नहीं मिला. उनका सपना आईपीएस बनने का है और इसी सपने को पूरा करने के लिए वह निरंतर पढ़ाई पर फोकस कर रही हैं.
काफी होनहार हैं रितिका
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी रितिका की काफी प्रशंसा की. इसके साथ ही प्राथमिक विद्यालय की प्रिंसिपल पूजा भटनागर के अनुसार, रितिका काफी होनहार हैं. जिस तरह से अभी अध्ययन प्रक्रिया में उनकी रुचि है, उससे उन्हें पूरी उम्मीद है कि जिस सपने को लेकर वह आगे बढ़ रही हैं, भविष्य में वह एक अच्छी ऑफिसर बनकर जनता की सेवा करेंगी.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…
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