मां अष्टभुजा मंदिर का होगा कायाकल्प, 25 करोड़ मंजूर; 2 साल में दिखेगा भव्य रूप!
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Mirzapur News: मिर्जापुर के अति प्राचीन मां अष्टभुजा मंदिर का ₹25 करोड़ की लागत से भव्य पुनर्विकास किया जाएगा. विंध्य कॉरिडोर के बाद अब शासन ने इस पौराणिक धाम के कायाकल्प के लिए बजट जारी कर दिया है. अगले दो वर्षों में श्रद्धालुओं को मंदिर का नव्य और भव्य स्वरूप देखने को मिलेगा. इस परियोजना के तहत परिसर में पार्किंग, पेयजल, शौचालय जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ मंदिर तक पहुंचने वाली सिंगल लेन सड़क को भी टू-लेन बनाया जाएगा.
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित मां अष्टभुजा मंदिर का पुनर्विकास कराया जाएगा. अष्टभुजा मंदिर के विकास को लेकर धन जारी कर दिया गया है. जल्द ही मंदिर के विकास का काम शुरू कराया जाएगा, जहां भक्तों को नव्य व भव्य स्वरूप देखने को मिलेगा.
मिर्जापुर जिले में स्थित अष्टभुजा मंदिर अति प्राचीन है. ऐसी मान्यता है कि भगवान कृष्ण के जन्म के समय जब कंस ने मां को मारने की कोशिश की थी, तो वे उनके हाथों से छिटककर विंध्य पर्वत पर आकर विराजमान हो गई थीं.
मां विंध्यवासिनी धाम की त्रिकोण यात्रा में यह धाम बेहद ही खास है, जहां काफी संख्या में भक्त दर्शन-पूजन करने के लिए आते हैं. मां विंध्यवासिनी धाम की त्रिकोण परिक्रमा मां अष्टभुजा के दर्शन के बिना अधूरी मानी जाती है.
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विंध्य कॉरिडोर बनने के बाद अष्टभुजा मंदिर के विकास को लेकर लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा गया था. शासन की ओर से प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है और धन भी जारी होने के बाद जल्द ही काम शुरू किया जाएगा.
अष्टभुजा मंदिर के विकास को लेकर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसमें मंदिर में भक्तों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, साथ ही मंदिर का निर्माण कार्य भी किया जाएगा. गर्भगृह को छोड़कर मंदिर के अन्य स्वरूपों में बदलाव किया जाएगा.
धाम में आने वाले भक्तों को शौचालय, शुद्ध पेयजल, पार्किंग के साथ ही अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
अभी तक अष्टभुजा मंदिर में भक्तों की सुविधा को लेकर विशेष इंतजाम नहीं किए गए हैं. नई परियोजना में भक्तों की हर सुविधा का ख्याल रखा गया है. छोटी से लेकर बड़ी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है. आगामी दो वर्षों में भक्तों को मंदिर का नया स्वरूप देखने को मिलेगा.
धाम के विकास के साथ ही मंदिर को जोड़ने वाली सड़कों का भी निर्माण कराया जाएगा, ताकि आने-जाने वाले वाहनों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े. अभी तक मंदिर तक जाने के लिए सिंगल रोड है. इस सिंगल रोड को दो लेन करने को लेकर भी परियोजना तैयार करके शासन को भेजी गई है.