मेरठ का शाकिर फिर निकला कांवड़ यात्रा पर, तो दुश्मन हुआ ‘जमाना’, बोला- डर लग रहा….

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मेरठ का शाकिर फिर निकला कांवड़ यात्रा पर, तो दुश्मन हुआ ‘जमाना’, बोला- डर लग रहा….


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Kanwar Yatra 2026: हर साल की कांवड़ यात्रा में एक बात सामने आना सामान्य सा हो गया है. हिंदू-मुस्लिम एकता की बात सामने आती है तो कुछ लोगों को ये बात अच्छी नहीं लगती है. इसमें मेरठ के शाकिर का नाम शामिल है. वो हर बार कांवड़ यात्रा लेकर निकलते हैं तो उनका समाज ही उनका दुश्मन बन जाता है. 

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शाकिर को मिल रही धमकियां.

मेरठ : सावन का पावन महीना शुरू होते ही भोलेनाथ के भक्तों की सबसे बड़ी और पवित्र धार्मिक यात्रा यानी कांवड़ यात्रा शुरू हो जाती है. केसरिया वस्त्र पहने लाखों कांवड़िए गंगाजल भरने के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, गोमुख और अन्य पवित्र नदियों के तटों की ओर पैदल यात्रा पर निकलते हैं. भक्त कंधों पर कांवड़ लेकर बम बोले के जयकारों के साथ सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर अपने स्थानीय शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं. भगवान शिव के प्रति एक मुस्लिम युवक की हर साल आस्था देखने को मिलती है. हालांकि, जब भी वह कांवड़ यात्रा लेकर निकलते हैं तो उनके ही समाज और मोहल्ले के लोग दुश्मन बन जाते हैं. हम बात कर रहे हैं मेरठ के शाकिर की.

कावड़ यात्रा में हिंदू मुस्लिम सौहार्द की बड़ी नजीर मिली है. मेरठ के रहने वाले शाकिर अपने दोस्त मिंटू और गौरव के साथ दूसरी बार कावड़ लेकर आए हैं. इस दोस्ती ने सांप्रदायिक सौहार्द, आपसी विश्वास और इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर कोई चर्चा कर रहा है. उनकी कावड़ में 201 लीटर गंगाजल है और उन्होंने यह कांवड़ हरिद्वार की हर की पौड़ी से उठाई है.

उन्होंने  संकल्प लिया है इसे अपने गांव के शिवालय तक पहुंचाने का. शिवरात्रि के दिन तीनों दोस्त मिलकर गंगाजल से महादेव का जलाभिषेक करेंगे. उनकी दोस्ती और इस कावड़ की चर्चा पूरे वेस्टर्न यूपी में है. मगर, शाकिर को मुजफ्फरनगर आने के बाद मुस्लिम लोगों से डर सता रहा है. उन्हें डर है कि मुजफ्फरनगर के रास्ते में पढ़ने वाले मुस्लिम गांव में उसके साथ कुछ अनहोनी हो सकती है.

दरअसल, कस्बा फलावदा के मुहल्ला होली चौक मंदवाड़ी रोड निवासी 21 वर्षीय शाकिर भोले शंकर के प्रति आस्था रखते हैं. पिछले साल श्रावण मास की शिवरात्रि पर हरिद्वार से 101 लीटर जल की कांवड़ लाकर फलावदा पहुंचे थे और मंदिरों पर भगवान आशुतोष की पूजा-अर्चना कर शिव का जलाभिषेक किया था. तब उन्होंने बताया कि उन्हें धमकियां मिलीं. अब इस साल फिर उन्होंने अपना डर बयां किया है.

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काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…

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